Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya-पूरी जानकारी

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya ? एवं इससे जुड़ी हुई अन्य दूसरी जानकारी भी। तो हमारे इस आर्टिकल को शुरू से लेकर अंत तक जरूर पढ़ें।

Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya
Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya

टेलीफोन का आविष्कार कब और किसने किया ?

दोस्तो आज हम एक ऐसी दुनिया मे जीते है जिसने हजारों किलोमीटर की दूरियों को घटा कर एक छोटे से यंत्र में शामिल कर दिया है । चिट्टी , पत्र तो जैसे बीते दिनों की बात हो गई है । वे दिन भी जा चुके है जब किसी सन्देश को पहुंचने में हफ़्तों और महीनों लगते थे । अब तो बस कुछ सेकेंड में आप दुनिया के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति से जुड़ सकते है और साथ ही साथ आज आप उसे देख भी सकते है और उसे अपने सामने , अपने पास महसूस कर सकते है । लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा कैसे सम्भव हुआ ? 

आज सम्पूर्ण विश्व को जिसने अपने आप मे समेट लिया है ऐसे मोबाइल फ़ोन के बिना तो आज हम अपने जीवन की कल्पना भी नही कर सकते है । लेकिन चिट्टी पत्र से टेलीफोन और मोबाइल की यात्रा बहुत ही सुगम नही रही है । आज हम इस लेख में आपको टेलीफोन के आविष्कार से जुड़ी हर एक छोटी से छोटी जानकारी से आपको रूबरू करवाने का प्रयास करेंगे । 

टेलीफोन क्या है ?

टेलीफोन एक ऐसा यंत्र है जिसकी सहायता से आप बहुत दूर बैठे व्यक्ति से अपने घर मे बैठ कर जुड़ सकते है । उससे बात कर सकते है । यह यंत्र आपको हजारों किलोमीटर की यात्रा किये बिना भी एक देश से दूर देश के व्यक्ति से आपको जोड़ सकता है।  

कालान्तर में लगातार होते विकास के कारण आज यह बिना तार के ही काम करता है और इसके आधुनिक रूप को हम मोबाइल फोन के नाम से जानते है । आज यह इतना विकसित हो गया है कि आप दुनिया के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति से बात कर सकते है । उसे सन्देश भेज सकते है । उससे वीडियो कॉल के माध्यम से जुड़ सकते है । 

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Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya ? –

दोस्तो टेलीफोन का आविष्कार स्कॉटलैंड के ग्राहम बेल नाम के एक वैज्ञानिक ने 2 जून , 1875 में किया था । 

टेलीफोन की खोज और विकास यात्रा –

टेलीग्राफ के आविष्कार के होने के बाद अलेक्जेंडर ने एक ऐसे यंत्र को बनाने में अपना ध्यान लगाया जिसमें तार के  माध्यम से ध्वनि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा सके । टेलीग्राफ के आविष्कार के कारण अलेक्जेंडर को इसका पूरा विश्वास था कि ध्वनि तरंगों को विद्युत रूप में तार के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजा जा सकता है । इसके लिए उन्होंने अपने सहायक वाटसन के साथ मिलकर कार्य करना शुरू किया । टेलीफोन का अविष्कार भी एक संयोग मात्र ही था क्योकि शुरू में काफी समय तक बेल और वाटसन अलग अलग यंत्रों को जोड़कर अनेक प्रयोग कर रहे थे ।

लेकिन एक दिन संयोग से तार और यंत्रों का एक ऐसा संयोग तैयार जिससे टेलीफोन बन गया । एक दिन बेल और वाटसन ऐसे ही प्रयोग कर रहे थे । उस दिन बेल नीचे की बिल्डिंग में थे और वाटसन दूसरी मंजिल पर । काम करते करते अचानक बेल की पेंट पर तेजाब गिर गया तो उन्होंने वाटसन को मदद को पुकारा ।

तब वाटसन ने उनकी आवाज अपने पास के उस यंत्र से आती सुनी जिस पर वे काम कर रहे थे । इस प्रकार ‘Mr. Watson Come here … I Want To See You’ वे पहले शब्द बने जिन्हें टेलीफोन पर सुना गया था । टेलीफोन के बनने के बाद हमारे हाथों तक पहुंचने तक कि यात्रा इतनी सुगम नही थी । बेल को अपने अविष्कार को पेटेंट करवाने और इसे हर एक व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए काफी मशक्कत की । इतना क्रांतिकारी अविष्कार होने के बाद भी लोगो ने इस अविष्कार में अपनी कोई दिलचस्पी नही दिखाई इसलिए बेल इसका सार्वजनिक रूप से इसका प्रदर्शन करने की सोची।

इसलिए बेल ने 10 मई 1876 को बोस्टन में अमेरिकन अकेडमी ऑफ साइंसेस के सामने इसको प्रदर्शित किया जहां पर उन्होंने इसे यंत्र को फिलाडेल्फिया में होने वाले अमेरिकन स्वंत्रता शताब्दी समारोह में प्रदर्शित करने को कहा । और ग्राहम बेल ने ऐसा ही किया और इसके बाद इनके अविष्कार की चर्चा हर जगह होने लगी तब पहली बार लोगो ने टेलीफोन के बारे में जाना ।

 लेकिन टेलीग्राफ कम्पनिया इसके व्यवसायिक उत्पादन के लिए तैयार नही हुई । अगर ऐसा होता तो टेलीफोन , टेलोग्राफ की जगह ले लेता । लेकिन इन बातों से निराश होने की बजाय बेल और वाटसन ने इसका प्रदर्शन जगह जगह लोगो के बीच जाकर करना प्रारम्भ किया । बेल और वाटसन लगातार इसकी दूरी को बढ़ाते जा रहे थे और साल खत्म होने के साथ ही यह दूरी 229 किलोमीटर तक बढ़ गई । इतने क्रांतिकारी अविष्कार के बाद भी किसी भी कम्पनी ने टेलीफोन के व्यवसायिक उत्पादन के खुद को आगे नही किया तो बेल ने खुद की कम्पनी बनाने का फैसला किया । आज इस कम्पनी को एटी एंड टी नाम से जाना जाता है । यह कम्पनी दूरसंचार के उपकरण बनाने वाली सबसे अग्रणी कम्पनी है । 

कम्पनी की स्थापना के बाद जल्द ही टेलीफोन लोगो के बीच लोकप्रिय हो गया और कम्पनी भी जल्द ही अमीर बन गई । बेल की प्रयोगशाला से अनेक दुनिया को बदलने वाले अविष्कार हुए है । इन्ही अविष्कारों की श्रृंखला में दुनिया मे क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाले ट्रांजिस्टर का अविष्कार भी बेल की प्रयोगशाला में हुआ था । 

1877 में पहली बार टेलीफोन बाजार में आया जिसके द्वारा 32 किलोमीटर की दूरी तक सम्पर्क किया जा सकता था । उस समय घरेलू उपयोग के लिए टेलीफोन के उपयोग का शुल्क 20 डॉलर और व्यवसायिक उपयोग का शुल्क 40 डॉलर रखा गया । अमेरिका में फिर भी बेल की कम्पनी इतनी प्रसिद्धि नही पा सकी जितनी अपने जन्मस्थान इंग्लैड में प्राप्त की । 

यहां पर बेल ने अपने अविष्कार को इंग्लैंड की महारानी के समक्ष प्रदर्शित किया । और रानी ने अपने महल में 2 यंत्रों को लगाने की अनुमति दे दी । फिर क्या था इंग्लैंड के हर गांव गांव में इसकी प्रसिद्धि के झंडे बुलंद होने लगे । 

जिस अमेरिका ने इस यंत्र को एक बच्चो के खेलने का विद्युतीय खिलौना कह कर ठुकरा दिया वह कब तक इसकी उपयोगिता से बच सकता था । धीरे धीरे यह यंत्र भी अमेरिका में प्रसिद्ध होने लगा और देखते देखते पूरी दुनिया मे बेल की कम्पनी का व्यापार फैल गया । 

टेलीफोन में बजी पहली घण्टी – 

आज जिस तरह से कॉल आने पर मोबाइल और टेलीफोन में घण्टी बजती है , पहले ऐसा नही था । आज जिस तरह से आप हजारों किलोमीटर तक एक दूसरे से बाते कर सकते है पहले ऐसा नही था । पहले सिर्फ कुछ किलोमीटर तक ही इससे सम्पर्क किया जा सकता था ।  धीरे धीरे बेल और वाटसन ने इसके साथ अनेक प्रयोग करने शुरू किए और लगातर इसमें अनेक नए नए उपकरण जोड़ने शुरू किया । 

फ़ोन आने पर लोगो को पता नही चलता था । फ़ोन आने पर लोगो को पता चल सके इसके लिए इसमें एक थंपर नाम की युक्ति लगी होती थी । इसे वाटसन ने इसे एक बजर से बदल दिया और इसका स्थान अंततः घण्टी ने ले लिया । 

पहली अंतरमहाद्वीपीय काल –

एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप के बीच पहली कॉल 15 जनवरी 1915 में हुई थी । जिसमे बेल ने और वाटसन ने आपस मे बात की थी । उस समय बेल अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी में थे और वाटसन पश्चमी तट पर बसे सेन फ़्रांसिस्को शहर में थे । 

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का जीवन परिचय –  

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल टेलीफोन के जन्मदाता है । आज इन्ही के आविष्कार के कारण लोगो के बीच की दूरियां घट गई है जिसके कारण एक देश के लोग दूसरे देश के लोगो के काफी करीब आ गए है । 

ग्राहम बेल का जन्म 3 मार्च 1847 को स्कोटलैंड में हुआ था । अलेक्जेंडर की माँ और पत्नी दोनों बहरी थी इसलिए वे सुन सके इसके लिए ही वे लगातार ध्वनि से सम्बंधित प्रयोग करते रहते थे और इसी कारण एक दिन टेलीफोन का अविष्कार हुआ था । 

ग्राहम बेल शुरू से ही काफी अच्छे विद्यार्थी रहे थे और काफी प्रतिभाशाली भी थे । वे कितने अच्छे विद्यार्थी रहे होंगे इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मात्र 13 वर्ष की उम्र में इन्होंने अपना ग्रेजुएशन पूरा कर लिया था । 

मात्र 16 साल की उम्र में एक बहुत ही अच्छे म्यूजिक टीचर के रूप में प्रसिद्ध हो गए थे । 

बेल शुरू से ही एक वैज्ञानिक सोच के इंसान थे । इसी कारण वे लगातार कुछ ना कुछ नया बनाने का प्रयास करते रहते रहे इसी कड़ी में मात्र 23 साल की उम्र में इन्होंने एक ऐसा पियानो बनाया जिसकी मधुर आवाज काफी दूर तक सुनी जा सकती थी । 

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का निधन 2 अगस्त 1922 को 75 वर्ष की आयु में कनाडा में हुआ था । उनके सम्मान के लिए इस दिन पूरे अमेरिका के टेलीफोन लाइन को 2 मिनट के लिए बंद रखा गया था । 

भले ही बेल ने टेलीफोन को ईजाद किया हो लेकिन वे इसे कभी भी अपने पास रखना पसंद नही करते थे क्योकि वे मानते थे कि यह उनके काम मे बाधा डालता है । 

निष्कर्ष :-

आज टेलीफोन के आविष्कार की वजह से सूचना प्रबंधन के क्षेत्र में काफी ज्यादा विकास हुआ है और लोग कितना भी दूर क्यों ना हो एक दूसरे से काफी ज्यादा टेलीफोन की वजह से करीब रहते हैं। टेलीफोन के आविष्कार की वजह से ही हम खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं और यह एक अद्भुत अविष्कार है।

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya ? एवं इससे जुड़ी हुई अन्य जानकारी भी
तो हमको उम्मीद है की Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya ? पर ये आर्टिकल आपको जरूर पसंद आएगा।

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