Mobile Ka Aviskar Kisne Kiya ? -पूरी जानकारी

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Mobile Ka Aviskar Kisne Kiya ?

हर किसी के हाथ में मोबाइल फोन होता है और इसका इस्तेमाल किए बिना हमारा काम चलना बहुत मुश्किल है. लेकिन क्या कभी आपने जानने की कोशिश की है कि Mobile Ka Aviskar Kisne Kiya ?नहीं ना?

 कोई बात नहीं इस लेख के माध्यम से हम आपको इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं. हम सभी को  उस इंसान का शुक्रिया अदा करना चाहिए जिसने हमें मोबाइल इस्तेमाल करने का मौका दिया. क्या आपने कभी कल्पना भी की है कि अगर आपके पास मोबाइल ना हो वह भी एक महीने के लिए तो आप की क्या हालत होगी?

मोबाइल के बिना हम सबकी जिंदगी के मायने और मतलब ही बदल जाएंगे क्योंकि मोबाइल हमारे जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है और इसका इस्तेमाल हम सभी हर वक्त करते हैं.  चाहे हमें किसी से बातचीत करनी हो या फिर इंटरनेट से जुड़ा कोई काम करना.  गाने सुनने हो, फिल्में देखनी हो या फिर किसी जानकारी के लिए ही सही हम इस यंत्र का इस्तेमाल करते हैं.

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 मोबाइल क्या है – What is Mobile in Hindi?

मोबाइल एक ऐसा यंत्र है जिसके द्वारा हम दुनिया के किसी भी हिस्से में अपने दोस्त सगे संबंधी या फिर किसी दूसरे इंसान से बातचीत कर लेते हैं वह भी बिल्कुल वर्तमान समय में.  इसके अलावा मोबाइल फोन को हम सेल्यूलर फोन, सेल फोन, वायरलेस फोन इत्यादि भी कहते हैं..

पहले के जो मोबाइल हुआ करते थे उनमें सिर्फ बात करने की सुविधा होती थी या फिर आप टेक्स्ट मैसेज कर सकते थे. लेकिन आज मोबाइल को हम स्मार्टफोन भी कहते हैं क्योंकि यह सच में स्मार्ट होता है.  आज  इस यंत्र में बहुत ही हाई क्वालिटी कैमरा होता है जिसके माध्यम से हम एचडी वीडियो और फोटो शूट कर सकते हैं.

 हम सभी अपने मोबाइल के उपयोग से ही इंटरनेट कनेक्टिविटी कर सकते हैं और दुनिया के किसी भी  कोने की वेबसाइट को खोल सकते हैं या फिर किसी भी वीडियो को एक्सेस कर सकते हैं. वैसे शुरुआत में मोबाइल में इंटरनेट की सुविधा भी धीमी थी  और यह धीमी गति से काम करता था.  उस समय जो इंटरनेट चलता था वह  2G या फिर जीपीआरएस हुआ करता था जो वास्तव में बहुत धीमी गति से काम करते थे.

 लेकिन अब इंटरनेट भी तो काफी तेज गति वाला आ चुका है पहले 3G के साथ स्पीड बढ़ी और आज हम 4G की टेक्नोलॉजी इस्तेमाल कर रहे हैं जो बहुत तेज है और भविष्य में 5जी भी बहुत जल्दी आने वाली है.

Mobile Ka Aviskar Kisne Kiya ?

आप यह जानने के लिए उत्सुक है ना कि मोबाइल का आविष्कार किसने किया है तो आपकी इस उत्सुकता को खत्म करते हुए मैं बताता हूं कि मोबाइल का आविष्कार मार्टिन कूपर ने 3 अप्रैल 1973 ईस्वी में किया था. मार्टिन कूपर एक अमेरिकन इंजीनियर थे. जिन्होंने इस  सदी का एक महान आविष्कार किया और लोगों के हाथों में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की सुविधा दी. मार्टिन कूपर ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में  बैचलर और मास्टर डिग्री कर रखे थे. दुनिया में जो भी आविष्कार होते हैं उनके पीछे काफी कुर्बानियां होती हैं और बहुत कड़ी मेहनत होती है. मार्टिन कूपर ने भी अपनी जिंदगी में काफी परेशानियां उठाई और इस मोबाइल का आविष्कार किया .मार्टिन कूपर का जन्म 26 दिसंबर 1928 ईस्वी को हुआ था. मार्टिन कूपर वायरलेस कम्युनिकेशन कंपनी में काम करते थे और उनके नाम से 11 पेटेंट भी हो चुके थे.

मार्टिन कूपर मोटरोला के इंजीनियर हुआ करते थे और उन्होंने 1973 ईस्वी में मोबाइल का आविष्कार किया और उनके द्वारा बनाया गया हाथों का मोबाइल 1983 ईस्वी में बाजार में उतारा गया. यही वजह है कि उन्हें आज के आधुनिक मोबाइल फोन का पिता कहा जाता है.

 मोबाइल कैसे काम करता है?

हम सभी यह तो जानते हैं कि मोबाइल हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन कम ही लोगों को इसके बारे में रुचि होती है कि यह कैसे काम करता है. आमतौर पर आप एक सिम कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और जिसके माध्यम से आपको 10 डिजिट का एक नंबर मिलता है और उसी नंबर के द्वारा  आप किसी से भी बातचीत कर पाते हैं. यह नंबर एक प्रकार की आपकी एक पहचान होती है और उसी नंबर के माध्यम से सभी लोग जो आपको जानते हैं आप से बातचीत कर पाते हैं.

लेकिन आखिर यह मोबाइल काम कैसे करता है यह समझ लेते हैं:

आम शब्दों में कहें तो मोबाइल एक प्रकार का  two-way radio सिस्टम होता है. दो रेडियो का मतलब है कि एक रेडियो रिसीवर के रूप में काम करता है और दूसरा ट्रांसमीटर के रूप में काम करता है.

जब आप किसी के साथ बातचीत कर रहे होते हैं उस दौरान जब आप बोलते हैं तो आपके आवाज को इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदल दिया जाता है उसके बाद इसे रेडियो  तरंगों के रूप में नजदीकी टावर तक  ट्रांस मीट कर दिया जाता है. अब उस नेटवर्क का टावर आपके दोस्त के आसपास के टावर तक भेजता है और फिर उस टावर के जरिए रेडियो  तरंगे आपके दोस्त के मोबाइल तक पहुंचती है फिर वह इलेक्ट्रिकल सिग्नल में कन्वर्ट होकर आवाज के रूप में आपके दोस्त को सुनाई देता है.

अपने वॉकी टॉकी तो जरूर देखी होगी मोबाइल फोन उसी पर आधारित होता है लेकिन मोबाइल में एक्स्ट्रा फीचर्स दिए हुए  होते हैं. वॉकी टॉकी में हम सिर्फ बातचीत ही कर पाते हैं.

मोबाइल के कार्य सिद्धांत को समझ लेते हैं.

इसमें मुख्य तीन चीजें महत्वपूर्ण होती हैं:

रेडियो तरंगे

मुख्यता आवाज को इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदलने के बाद रेडियो  वेब्स में कन्वर्ट कर दिया जाता है और उसे एक टावर से दूसरे टावर तक पहुंचा दिया जाता है. लेकिन यह टावर जो होता है वहां से सिग्नल सैटेलाइट तक पहुंचता है फिर उस सेटेलाइट के जरिए आप जिस से बात कर रहे होते हैं उसके नजदीकी टावर तक पहुंचता है.

वहां पहुंचने के बाद फिर इसका ठीक उल्टा प्रोसेस होता है. रेडियो तरंगे इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदलती हैं जिससे ध्वनि पैदा होती है जो आपके दोस्त के कानों को सुनाई देती है और आपको भी अपने दोस्त की आवाज सुनाई देती है.

इस प्रकार इस में रेडियो तरंगों का महत्वपूर्ण रोल होता है.

कनेक्टिविटी

जैसा कि आप पहले से जानते हैं कि मोबाइल फोन एक ऐसा यंत्र है जो दोनों तरफ से तरंगों को भेजता और रिसीव भी करता है. आपका मोबाइल फोन टावर से जितनी नजदीक रहेगा उतनी अधिक मात्रा में सिग्नल को रिसीव करता है. हमारे मोबाइल में भी इसी कारण टावर की स्ट्रेंथ दिखाई देती है. कभी-कभी तो आप ऐसी जगह में होते हैं जहां पर सिगनल स्ट्रैंथ कम होता है क्योंकि सिग्नल बहुत कम मात्रा में रिसीव होता है.

ऐसे स्थान से जो सिगनल टावर तक पहुंचता है और टावर से जो सिग्नल हमारे मोबाइल तक पहुंचता है उसकी मात्रा कम होने की वजह से आवाज टूट टूट कर सुनाई देती है.

एंटीना

हर मोबाइल में एक एंटीना जरूर होता है जो रेडियो सिगनल को रिसीव भी करता है और फिर से ट्रांसमीट करता है. एंटीना ही इलेक्ट्रिकल सिग्नल को रेडियो वेब में कन्वर्ट करता है और साथ ही रेडियो वेब  को फिर इलेक्ट्रिकल सिग्नल के रूप में कन्वर्ट कर देता है.

 मोबाइल के फायदे

मोबाइल इस्तेमाल करने के कई फायदे हैं जो निम्नलिखित हैं:

  • हम आसानी से किसी से भी इसके माध्यम से बातचीत कर लेते हैं.
  • इंटरनेट कनेक्टिविटी होने की वजह से हम वीडियो कॉल में भी बात कर लेते हैं.
  • इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध होने की वजह से हम किसी भी प्रकार के लाइव वीडियो को या फिर दूसरे वीडियोस को देख पाते हैं.
  • किसी भी प्रकार की जानकारी को हम आसानी से इसमें इंटरनेट के माध्यम से पढ़ भी सकते हैं.
  • इसके इस्तेमाल से हम घर बैठे हर प्रकार की शॉपिंग, रेलवे टिकट बुकिंग इत्यादि कर लेते हैं.
  • इसके अलावा इसमें कई प्रकार के विभिन्न फीचर्स होते हैं जैसे मोबाइल टॉर्च, अलार्म, केलकुलेटर, नक्शा, इत्यादि.

 मोबाइल के नुकसान

मोबाइल की वजह से होने वाले निम्नलिखित नुकसान है:

  • आवश्यकता से अधिक उपयोग किसी के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है चाहे वह सेहत से जुड़ी हुई हो या फिर आदत से.
  • बच्चे को इनसे दूर रखना चाहिए क्योंकि वह अपना कीमती बचपन मोबाइल इस्तेमाल करते हुए खो देते हैं. इसके अलावा बच्चे पढ़ाई करने की  जगह इस पर गेम और वीडियोस देखकर बर्बाद करते हैं.
  • ड्राइविंग करने के दौरान कई लोग फोन में बातचीत करते हैं जो दुर्घटना का कारण बनती है.
  • इसके लगातार उपयोग से नींद ना आने की समस्या भी उत्पन्न होती है

निष्कर्ष

मोबाइल हमारी जिंदगी में काफी अहम भूमिका निभाता है लेकिन अगर इसका हम सही उपयोग करें तो यह हमारे लिए वरदान है अन्यथा यह हमारे लिए नुकसानदेह भी साबित हो सकती है. इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हमने आपको इसकी जानकारी दी है और इसके अनेक पहलुओं के बारे में चर्चा की है.

हम उम्मीद करते हैं कि आज के इस लेख से आपको समझ में आ गया होगा कि Mobile Ka Aviskar Kisne Kiya था. अगर आपने पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें.

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