आईफोन एप्पल का आविष्कार किसने किया था ? और कब

आईफोन एप्पल का आविष्कार किसने किया था ? और कब

दोस्तो आज एप्पल 13 साल का हो गया है । जब इसे पहली बार 2007 में लॉन्च किया था तब किसी को पता नही था की एप्पल टेक दुनिया का सबसे बड़ा ब्रांड बन जायेगा । तब किसी को पता नही था कि एप्पल पूरी दुनिया मे सबसे पॉपुलर स्मार्टफोन होगा । तब किसी ने अंदाजा भी नही लगाया होगा कि यह डिवाइस दुनिया बदल कर रख देगा ।

दोस्तो आज पूरी दुनिया में एप्पल के स्मार्टफोन एक ब्रांड माने जाते है और लोग इस नाम पर आंखे बंद करके विश्वास करते है । इसके प्रति लोगो की दीवानगी इस कदर है कि हर व्यक्ति यह चाहता है कि उसके जीवन मे वह एक बार एप्पल का आईफोन जरूर काम ले । इसके प्रति लोगो की दीवानगी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जाता है कि जब आईफोन लॉन्च होने वाला होता है तो लोग एप्पल स्टोर के सामने कई दिनों पहले ही अपना डेरा डाल देते है ।

काफी जगह ऐसी खबर भी सुनने को मिलती है को लोग आईफोन खरीदने के लिए अपनी किडनी तक बेच देते है ।

एप्पल का आईफोन अपने शानदार फ़ीचर्स और जबरदस्त सिक्युरिटी फ़ीचर्स के लिए जाना जाता है । इस कम्पनी की कमाई इतनी ज्यादा है कि इस कम्पनी का रेवेन्यू अनेक देशों के रेवेन्यू से काफी ज्यादा है ।

इसके स्मार्टफोन की बाजार में कीमत काफी ज्यादा होती है फिर भी इसके स्मार्टफोन के लांच होते ही ये स्टोर से आउट ऑफ स्टॉक हो जाते है ।

आईफोन एप्पल का आविष्कार किसने किया था ? और कब ,आज के इस आर्टिकल में हम एप्पल कम्पनी से जुड़े अनेक ऐसी मजेदार बातों जो जानेंगे जिनके बारे में आपको शायद ही पता हो ।

आज के इस आर्टिकल में एप्पल के आईफोन के बनने की कहानी का विश्लेषण भी करेंगे ।

आईफोन एप्पल का आविष्कार किसने किया था
आईफोन एप्पल का आविष्कार किसने किया था

एप्पल के आईफोन की कहानी –

एप्पल का आईफोन स्टीव जॉब्स की एक ऐसी परिकल्पना थी जिसे सच करने के लिए हजारों लोगों ने कुर्बानी दी । यह दुनिया का पहला ऐसा डिवाइस था जो टच करने से चलता था । यह पूरी तरह से इंटीग्रेटेड भी था ।

एप्पल आईफोन स्टीव जॉब्स के अपनो का प्रोजेक्ट था । इसे बहुत ही गोपनीयता के साथ पूरा किया था । स्टीव जॉब्स ने स्टॉक फॉर्स्टल को इसके लिए एक टीम बनाने के लिए कहा लेकिन इसके साथ एक शर्त रखी गई कि जो भी व्यक्ति इस टीम में होगा वह एप्पल से बाहर का नही होना चाहिए । साथ ही साथ वह कर्मचारी किसी से भी इस प्रोजेक्ट की चर्चा भी नही करे । उन्होंने अपने कर्मचारियों को यह बात बिल्कुल भी नही बताई की वे क्या करने वाले है । बस उन्हें इतना ही बताया गया था कि वे एक बहुत ही अद्भुत प्रोजेक्ट बनाने वाले है जो पूरी दुनिया को बदल कर रख देगा ।

इस प्रोजेक्ट को पुरा करने से पहले बनी इस टीम के हर एक सदस्यों को ये कहा गया था की उन्हें अपनी राते कुर्बान करनी होगी । अपने वीकेंड भी कुर्बान करने होंगे । कई सालों तक लगातार अपने वीकेंड पर भी उन्हें काम करना होगा । अगर वे ऐसा करने के लिए तैयार है तो वे इस टीम का हिस्सा बन सकते है ।

इस प्रकार स्टीव जॉब्स के सपने को पूरा करने म लिए हजारों लोगों ने अपनी नींद कुर्बान कर दी । कई कर्मचारियों की शादीशुदा जिंदगी बर्बाद हो गई । लेकिन स्टीव जॉब्स ने आईफोन की गोपनीयता से कोई समझौता नही किया ।

इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए प्रोजेक्ट पर्पल नाम दिया गया । एप्पल की टीम ने अमेरिका के शहर क्यूपरटीनो की एक बिल्डिंग को लिया और इसे पूरी तरह से लॉक कर दिया । सभी कर्मचारी इसी बिल्डिंग में रहते थे । और यही काम करते थे । बाहर किसी को कुछ भी पता नही था कि अंदर क्या हो रहा । लगातार बहुत ज्यादा काम करने के कारण कर्मचारियों की हालत भी खराब हो गई । लेकिन स्टीव ने बिना इसकी परवाह किये इसकी गोपनीयता को प्राथमिकता दी ।

इस बिल्डिंग का पहला फ्लोर तो बैज रीडर और कैमरों से भर गया था । इसके लिए काफी टाइट सिक्योरिटी को काम लिया गया था ।

2007 में लांच हुआ पहला आईफोन –

लगातार कई सालों की जी तोड़ मेहनत के बाद कर्मचारियों ने एक अद्भुत डिवाइस बनाया जिसका नाम आईफोन रखा गया । इसे पहली बार 2007 मे दुनिया म सामने लाया गया । इस टीम की मेहनत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने ऐसी डिजाइन बनाई थी जो आज भी बिल्कुल वैसे ही काम ली जाती हैं ।

ऐसा भी माना जाता है कि स्टीव जॉब्स ने इसे काफी छोटा बनाने का प्रयास किया था । और इसमें बिल्कुल भी स्पेस नही छोड़ा गया था । ऐसा कहा जाता है कि जब आईफोन का मॉडल बना कर स्टीव जॉब्स के पास ले जाया गया तो उन्होंने उसे पानी के तब में फेंक दिया था और उसमें उठने वाले बुलबुलों को देखते हुए उन्होंने कहा कि अभी इसे और भी छोटा बनाया जा सकता है । इस प्रकार लगातार काफी बार पानी मे डाल डालकर आईफ़ोन को चेक किया गया था । तब कही जाकर 2007 में पहला आईफ़ोन लॉन्च हुआ । इसके बाद का इतिहास सबको पता है कि इसकी दीवानगी लोगो के सर इस कदर चढ़कर बोली जो आज 13 साल के बाद भी वैसी की वैसी ही है  ।

वर्ष 2007 :-

 इस साल कंपनी ने अपना पहला हैंडसेट लांच किया था । जिंसमे 3.5 इंच की मल्टी टच डिस्प्ले का प्रयोग किया गया । इसमें स्पेस के लिए 4 / 8 / 16 जीबी का इंटरनल स्टोरेज दिया गया था । फ़ोटो लेने के लिए 2 मेगापिक्सल का कैमरा और इस मोबाइल को पावर देने के लिए लिथियम आयन की बैटरी का इस्तेमाल किया गया था ।

वर्ष 2008 :-

2008 में कम्पनी ने इस आईफोन को ओर ज्यादा अपग्रेड करते हुए 3 जी नेटवर्क पर चलने वाला स्मार्टफोन लॉन्च किया । इसे और भी ज्यादा यूजफुल बनाया गया । इसमें लोकेशन ट्रेसिंग और नेविगेशन जैसे सिस्टम से जोड़ा गया । नए नए ऐप के लिए इसमे आई स्टोर भी जोड़ा गया ।

वर्ष 2009 :-

2009 में लांच किए गए इस स्मार्टफोन को आईफोन 3 जीएस नाम दिया गया । इस फोन में 3 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया था । इसमें 256 जीबी की रैम का प्रयोग किया और इसकी स्क्रीन साइज 3.5 इंच की थी ।

वर्ष :- 2010

सन 2010 में कम्पनी ने स्टेनलेस स्टील के साथ एक नया डिजाइन बाजार में उतारा गया ।  जिसे आईफोन 4 नाम दिया गया । यह कम्पनी के द्वारा लांच किया गया पहला ऐसा स्मार्टफ़ोन था जिंसमे कम्पनी ने पहली बार सीडीएएम का सपोर्ट दिया था ।

वर्ष :- 2011

आईफोन 4s को जब लांच किया गया था । इसके दूसरे ही दिन स्टीव जॉब्स की मृत्यु हो गई थी । इस स्मार्टफोन में सिरी और क्लोउंड स्टोरजे की सुविधा दी गई थी । इस स्मार्टफोन में 512 जीबी की रैम और 1432 एमएएच की बैटरी का प्रयोग किया गया था । इसका कैमरा 8 मेगापिक्सल का था ।

वर्ष :- 2012

वर्ष 2012 में कम्पनी ने आईफोन 5 लॉन्च किया जो अभी तक लॉन्च किए गए स्मार्टफोन की डिजाइन से थोड़ा अलग था । इस स्मार्टफोन में 4 इंच की स्क्रीन काम ली गई थी और चार्जिंग लाइट कंडक्टर का इस्तेमाल भी किया गया था ।

वर्ष :- 2013

आईफोन  5 एस और आईफोन  5 सी

आईफोन 5 एस का डिजाइन और आकार बिल्कुल आईफोन 5 के जैसा ही था । पहली बार इस आईफोन में 64 बीट के प्रोसेसर का।इस्तेमाल किया गया था । जिससे इसकी कैमरा क्वालिटी में काफी सुधार आया था।  इसमें एक टच आईडी होम बटन भी दिया गया था जो देखा जाए तो एक तरह का फिंगरप्रिंट स्कैनर था । इस स्मार्टफोन की कीमत बहुत ज्यादा होने के कारण एप्पल को पूरी दुनिया मे आलोचना का सामना करना पड़ा था ।

क्या है एप्पल कम्पनी के लोगो का रहस्य –

आज तक यह एक रहस्य ही है कि कम्पनी ने अपना लोगो एक खाये हुए एप्पल का ही क्यो रखा है । ऐसा माना जाता है की कम्पनी ने कम्प्यूटर वैज्ञानिक एलन मैथसिन को श्रद्धांजलि देने के लिए ऐसा किया है । मैंथिसन ने कोड तोड़ने वाली मशीन बनाई थी । ऐसा माना जाता है कि उन्हें सरकार ने काफी परेशान किया था । जिससे परेशान होकर उन्होंने रात को एक एप्पल में सायनाइड रखा और सुबह उसे कहा लिया । उसी खाये हुए सेब को कम्पनी ने अपना लोगो बना लिया ।

कई सालो  तक लोगो का यही मानना रहा कि मैथिसन को श्रद्धांजलि देने के लिए ऐसा किया गया है लेकिन अगर एक्सपर्ट की बात मान तो इस प्रकार की कहानी का दूर दूर तक कोई सम्बन्ध नही है । उनका कहना है कि ये सब एक बकवास है । स्टीव ने सामान्य रूप से इस लोगो को अपनी कम्पनी का लोगो बना लिया था । इस लोगो का स्नो व्हाइट , न्यूटन , एडम और ईव या फिर न्यूट्रॉन की कहानियों से कोई सम्बन्ध नही है ।

निष्कर्ष –

दोस्तो एप्पल के बारे में हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको कैसी लगी । इस आर्टिकल में हमने आपको आईफोन के बनने की कहानी , स्टीव जॉब्स की जिद , आईफोन के लिए कर्मचारियों के बलिदान की कहानी जैसे अनेक पहलुओ से रूबरू करवाने की कोशिश की है । यद्यपि हमने आपको हर प्रकार की जानकारी से अवगत करवाने के लिए पूर्ण सावधानी बरती है। फिर हो सकता है इसमें कुछ छूट गया हो तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके इसकी जानकारी दे सकते है ।

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