गूगल क्या है और यह किस देश की कंपनी है?

24 घंटे में कई बार ऐसे समय आता होगा जब हम अपने मोबाइल का ब्राउज़र खोलते होंगे और एक वेबसाइट जरूर ओपन करते हैं जिसका नाम है गूगल.क्या आज के समय में कोई ऐसा इंसान है जो यह नहीं जानता कि गूगल क्या है और कैसे काम करता है? इसका जवाब है हां आज भी बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिन्हें इसके बारे में बिल्कुल नहीं पता क्योंकि उन्हें यह भी नहीं पता होता है कि इंटरनेट क्या है.

खैर कोई बात नहीं इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे और आपको बताएंगे कि गूगल किस देश की कंपनी है और गूगल का मालिक कौन है?

जैसे जैसे समय बितता जा रहा है वैसे वैसे गूगल अपनी तकनीक में भी काफी तेजी से सुधार करके लोगों को अब विभिन्न प्रकार की सुविधाएं देता जा रहा है.

कई बार आप भी यह सोच कर हैरान होते होंगे कि आखिर गूगल हमारे द्वारा इनपुट किए गए शब्दों से दूसरी वेबसाइटों को कैसे ढूंढ के निकाल कर ले आता है. इन सभी बातों को हम यहां पर आपको बताएंगे आपको अच्छे से समझाएंगे की गूगल किस तरह से काम करता है

इंटरनेट पर अगर एक नजर डालें तो ऐसा कोई भी इंसान नहीं मिलेगा जो गूगल के कम से कम किसी एक प्रोडक्ट को उपयोग ना करता हो. ऐसे लोगों की संख्या तो अनगिनत है जो इसके विभिन्न सेवाओं का उपयोग प्रतिदिन करते हैं.

गूगल से जुड़ी आप की जानकारी को बढ़ाने के लिए ही हमने इस आर्टिकल को तैयार किया है तो चलिए ज्ञान लेते हैं कि आखिर गूगल क्या चीज है और इसका पूरा नाम क्या होता है

गूगल क्या है
गूगल क्या है

Google क्या है?

अधिकतर लोगों को बस यही मालूम होता है कि गूगल बस एक सर्च इंजन है लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि गूगल सर्च इंजन ही नहीं बल्कि एक कंपनी है जो मल्टीनेशनल है और पूरी दुनिया में लोग इसका इस्तेमाल हर रोज करते हैं.

यह एक अमेरिकन मल्टीनेशनल तकनीक से जुड़ी हुई कंपनी है जिसका निर्माण सन 1996 ईस्वी में किया गया था. इस कंपनी के निर्माण के पीछे 2 नाम सबसे प्रमुख है जोकि Sergey Brin और Larry Page गूगल ने तो अपनी शुरुआत एक सर्च इंजन से की थी लेकिन आज इस कितने प्रोडक्ट हैं कि आपको सभी के नाम याद नहीं रहेंगे.

यह दोनों ही स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी थे जिन्होंने इस सर्च इंजन का निर्माण किया.

इस सर्च इंजन का निर्माण इस मकसद से किया गया था ताकि वैसे वेबसाइटों को ढूंढ कर लोगों के सामने लाया जा सके जिन से जानकारी ली जा सके और जिनमें बैंक लिंक बहुत अच्छी है.

शुरुआत यानी कि 1996 ईस्वी में में इस सर्च एल्गोरिदम का नाम “BackRub” रखा गया था. इस एल्गोरिदम को लिखने और तैयार करने में दो और लोगों की भी मदद ली गई थी जिनके नाम  Scott Hassan और Alan Steremberg है.

यह कंपनी काफी तेजी से फैलती चली गई और इसके जल्दी सफल होने की वजह से 2004 में या दुनिया की सबसे बड़ी मीडिया कंपनी के रूप में बनकर उभरे इसने अपने गूगल न्यूज़ का सेक्शन सन 2002 में लॉन्च किया वही आज सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली जीमेल को भी इन्होंने 2004 ईस्वी में ही लांच किया था.

यह भी पढ़ें –

गूगल का इतिहास

Larry Page और औरSergey Brin जब यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उसी वक्त 1996 में गूगल की शुरुआत हुई. शुरुआती दिनों में इसका नाम  “BackRub” रखा गया था. इसके निर्माण में एक तीसरे इंसान का भी नाम था जिसने इस सर्च इंजन के अधिकतर कोर्ट को वास्तविक में लिखा था लेकिन बाद में उन्होंने गूगल को छोड़ दिया था जिनका नाम Scott Hassan है.

इनके फाउंडर को तब सबसे बड़ी परेशानी इस बात से हुई कि किस प्रकार से वेबसाइट को लोगों के सामने लाया जा सके तब उनके सुपरवाइजर ने उनको बताया की एक आईडिया है जिससे यह काम कर सकेगा। तब लैरी पेज ने ऐसे पेजेस को ढूंढना शुरू किया जो दूसरी पेजों से जुड़े हुए थे और संख्या में और क्वालिटी में अच्छे लिंक बना रहे थे. Citations फ्लो अच्छे होने की वजह से उन पर जो को रिजल्ट पेज में ऊपर स्थान दिया गया और इस प्रकार रैंकिंग की शुरूआत की गई.

इस प्रकार लैरी पेज ने अपने आईडिया को Hassan को बताया और उन्होंने उस आइडिया का इस्तेमाल करके कोड लिखने शुरू कर दिए. इस प्रोजेक्ट का नाम “BackRub” रखा गया था.

जल्दी इस प्रोजेक्ट से ब्रायन भी जुड़ गए और इस प्रकार इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया गया उनकी मुलाकात 1995 ईस्वी में सन फ्रांसिस्को में हुई थी.

लैरी पेज के द्वारा डिवेलप किए गए क्रो वेब क्रॉलर बहुत जल्दी मार्केट में लॉन्च हो चुके थे और काम करना भी शुरू कर चुके थे ब्रांड और पेज ने पेजरैंक एल्गोरिथम डिवेलप किया जो बैकलिंक को देखकर किसी वेबपेज को सर्च इंजन में जगह दे रहे थे.

गूगल का मालिक कौन है?

गूगल को बनाने के पीछे दो लोगों का शुरू से हाथ है उनके नाम Larry Page और Sergey Brin है.यही दोनों गूगल के मालिक हैं.

गूगल किस देश की कंपनी है?

मेरे ख्याल से आपको भी पता होगा कि गूगल किस देश की कंपनी है. जी हां बिल्कुल यह एक अमेरिकन कंपनी है.

गूगल कैसे काम करता है?

इंटरनेट से जानकारी निकालना इतना आसान हो चुका है कि बस एक शब्द या फिर हमें अपनी जानकारी के लिए कि वह डालना है और हमारे हमें हर प्रकार की जानकारी तुरंत मिल जाती है.

जो भी जानकारी हमें ढूंढना होता है उससे जुड़ा हुआ कीवर्ड हम गूगल में डाल देते हैं और जितने भी वेबसाइट उस जानकारी को लिखी हुई होती हैं वह सारी हमारे सामने दिखाई देती है.

जो वेबसाइट ऑन जानकारी को बहुत अच्छे ढंग से लिखते हैं उन्हें गूगल सबसे ऊपर रखता है और जिन में जानकारी थोड़ी क्वालिटी में कम होती है वह नीचे होती है. ऐसा नहीं है कि अच्छी जानकारी वाले ऊपर हो बल्कि अगर कोई वेबसाइट नहीं हो और उसमें बहुत अच्छी जानकारी हो तो उसे ऊपर आने में कुछ समय लगता है लेकिन यह काम कैसे करता है यह जानने के लिए चलिए आगे समझते हैं इसके प्रोसेस को.

Google एक पूरी तरह से ऑटोमेटिक सर्च इंजन है जो “वेब क्रॉलर” नामक प्रोग्राम का इस्तेमाल करके लोगों के सामने रिजल्ट लाकर दिखाता है.

यह वेब क्रॉलर हमारे द्वारा दिए गए कीवर्ड को सभी वेबसाइटों में तलाश ता है और जो उससे मिलती-जुलती जा ऐसी वेबसाइटों को हमें दिखाता है.

यह वेब क्रॉलर 24 घंटे काम करते रहते हैं और ऐसी वेबसाइटों को तलाश कर सामने लाते हैं जो यूजर को संतुष्ट कर सके.

Google सर्च इंजन मुख्य तौर पर तीन चरणों में काम करती है:

1. Crawling

Google वेब को वेब क्रॉलर जो प्रोग्राम लिखे हुए होते हैं वही वेबसाइट को ढूंढते हैं. जब भी किसी वेबसाइट में नए आर्टिकल जोड़े जाते हैं या फिर उन्हें अपडेट किए जाते हैं तो उन्हें यह वेब क्रॉलर ढूंढ लेते हैं.

इसमें भी जो वेबसाइट नियमित रूप से काम करती हैं वेब क्राउलर सबसे पहले उन्हीं वेबसाइट ओं की कॉलिंग करते हैं.

2. Indexing

Crawling के माध्यम से गूगल जिन वेबसाइटों को ढूंढ कर निकलता है उन्हें विजिट करता है और फिर उनके प्रति एक पेज को विजिट करके पता लगाता है कि उसमें किस बारे में लिखा हुआ है.

गूगल यह एनालाइज करता है कि उसमें कंटेंट इमेज और वीडियो किस प्रकार के डाले हुए हैं और पेज किस बारे में है इस इंफॉर्मेशन को गूगल स्टोर कर लेता है उसके गूगल इंडेक्स में जो कि उसका एक डाटाबेस होता है जिसमें बहुत सारी कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है डाटा को स्टोर करने के लिए.

3. Indexing

जब कोई इधर गूगल में कुछ सर्च करता है तो गूगल उसकी वर्ड के अनुसार सबसे हाई क्वालिटी रिजल्ट दिखाने की कोशिश करता है अब इसमें सबसे अच्छा रिजल्ट वह होता है जिसमें कई तरह के फैक्टर भी शामिल है जिसमें यूजर का लोकेशन उसकी भाषा उसका डिवाइस और पहले किए गए हुए सर्च.

जो सबसे हाई क्वालिटी कंटेंट होता है उसे गूगल रंग देकर सबसे ऊपर रखता है.

उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि हम सर्च करते हैं कि best car showroom इसके लिए जो रिजल्ट होगा वह दिल्ली में कुछ और होगा और मुंबई में कुछ और होगा.

निष्कर्ष

गूगल ने अब तक इतने सारे प्रोडक्ट बना लिए हैं कि अगर हम एक एक करके खत्म हो जाएगा लेकिन बातें खत्म नहीं होगी इसके विभिन्न प्रकार के उपयोग में आने वाले हर क्षेत्र में प्रोडक्ट हैं.

ईमेल करने के लिए आज दुनिया में सबसे ज्यादा जीमेल अकाउंट का ही उपयोग किया जाता है. यहां तक कि आजकल जो हम एंड्राइड डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं उसे जब शुरू करते हैं तो लोग-इन के रूप में हमें गूगल अकाउंट ही ऐड करना होता है.

एक गूगल अकाउंट के माध्यम से हम इसके सारे प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं.

प्रोडक्ट में सबसे प्रमुख हैं Google Drive, Meet, calender, blogspot, Map, Adword, Adsense, Google Map, Youtube, Cloud Hosting, Android इत्यादि.

हमने आपको विभिन्न प्रकार जानकारी दी और बताया की गूगल क्या है और इसका मालिक कौन है.

साथ ही हमने ये भी बताया की Google क्या है? गूगल कैसे काम करता है. हम उम्मीद करते की ये आर्टिकल आपको अच्छी लगी होगी. इसे दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें.

HindiHelpAdda.Com के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. यहाँ पर हम हिंदी में पैसे कैसे कमाएँ, ब्लॉगिंग, कैरियर ,टेक्नोलॉजी, इन्टरनेट, सोशल मीडिया, टिप्स ट्रिक, फुल फॉर्म और बहुत कुछ जानकारी हिंदी में साझा करते है। आप सभी का HindiHelpAdda.Com से जुड़ने के लिए दिल से धन्यवाद्।।

a

Leave a Comment