12वीं के बाद इंजीनियरिंग कोर्स करें।

इस पोस्ट के माध्यम से आज हम आपको बताएंगे कि किस तरह से आप 12वीं के बाद इंजीनियरिंग कोर्स करें। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इंजीनियरिंग की इंडस्ट्री बहुत ही ज्यादा विशाल और विविध है जिसमें आज हजारों लाखों छात्र अपना कैरियर बनाना चाहते हैं क्योंकि इस प्रकार से छात्रों को उनके कैरियर में एक ऊंचाई मिलने के साथ-साथ कामयाबी भी मिलती है। वैसे हमारे देश भारत में आज इंजीनियरिंग कॉलेज बहुत सारे खुले हुए हैं जहां से स्टूडेंट्स अपना पसंदीदा कोर्स कर सकते हैं। यहां आपको बता दें कि क्योंकि यह क्षेत्र काफी व्यापक है इसलिए छात्र अपनी रूचि के अनुसार अपने फेवरेट विषय में इंजीनियरिंग कर सकते हैं। अगर आप भी 12वीं के बाद इस इंडस्ट्री में जाना चाहते हैं और कोर्स करने के इच्छुक है तो हमारे आज के इस आर्टिकल को सारा जरूर पढ़ें और जानें कि कैसे आप एक सफल इंजीनियर बन सकते हैं।

12वीं के बाद इंजीनियरिंग कोर्स करें
12वीं के बाद इंजीनियरिंग कोर्स करें

कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग कोर्स (Computer Science and Engineering Course -CSE)

कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग कोर्स को सीएसई के नाम से भी जाना जाता है और यह इंजीनियरिंग करने वाले विद्यार्थियों के बीच काफी अधिक फेमस कोर्स है जिसमें आज अधिक से अधिक छात्र दाखिला लेते हैं। बता दें कि इस कोर्स के अंदर विद्यार्थियों को कंप्यूटर से संबंधित पढ़ाई करवाई जाती है जिसके तहत कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और नेटवर्किंग के एलिमेंट्स पर सबसे अधिक फोकस किया जाता है और इस प्रकार जो स्टूडेंट्स इस कोर्स को करते हैं उनको हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर की डिजाइनिंग, मैनेजमेंट जैसे बहुत सारे विषयों की जानकारी दी जाती है।

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योग्यता (Eligibility)

  • छात्र ने 12वीं कक्षा की सीधी मान्यता प्राप्त बोर्ड से पास की होनी चाहिए।
  • कैंडिडेट ने 12वीं कक्षा में 60 परसेंट मार्क्स हासिल किए हो।
  • 12वीं कक्षा में स्टूडेंट ने फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथमेटिक्स जैसे विषय पढ़े हो।

केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स (Chemical Engineering Course)

केमिकल इंजीनियरिंग भी छात्रों के बीच में एक काफी लोकप्रिय कोर्स है जिसमें वह छात्र एडमिशन लेते हैं जिनको केमिकल इंडस्ट्री में इंटरेस्ट होता है। इस तरह से इस कोर्स में जो छात्र दाखिला ले लेते हैं उनको साइंस, फिजिक्स, मैथमेटिक्स, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान जैसे विषयों पर पढ़ाई करवाई जाती है। इसके अलावा जब छात्र केमिकल इंजीनियर बन जाते हैं तो वह केमिकल प्लांट संरचना जैसे कार्यों से जुड़े होते हैं और वहां पर वह उस प्लांट का मूल्यांकन करने के साथ-साथ दूसरे भी महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। यहां बता दें कि केमिकल इंजीनियरिंग क्षेत्र में कच्चे मेटेरियल का उपयोग करके उससे कोई उपयोगी प्रोडक्ट बनाने का काम भी करते हैं।

योग्यता (Eligibility)

  • स्टूडेंट ने कम से कम 12वीं क्लास पास की हो।
  • 12वीं कक्षा में छात्र ने 50 परसेंट अंक हासिल किए हो।
  • छात्र के पास 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमेटिक्स जैसे विषय हो।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स (Electrical Engineering Course)

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स भी आज के युवाओं का फेवरेट कोर्स बन चुका है और यही वजह है कि आज 12वीं के बाद बहुत सारे छात्र इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनते हैं। यहां आप यह जान लीजिए कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में कैंडिडेट को बिजली की नई नई टेक्नोलॉजी के साथ-साथ बिजली की थ्योरी के बारे में भी सारी जानकारी बताई जाती है। इस तरह से छात्रों को मशीनों के डिजाइन बनाने के साथ-साथ उनके कार्य करने की प्रणालियों के बारे में भी जानकारी दी जाती है। वैसे एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर का कार्य बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है क्योंकि उसे इलेक्ट्रिसिटी से संबंधित सभी महत्वपूर्ण काम करने होते हैं।

योग्यता (Eligibility)

  • कैंडिडेट ने 10+2 क्लास विज्ञान विषय के साथ पास की हो।
  • छात्र ने 12वीं में मैथमेटिक्स ,केमिस्ट्री और फिजिक्स जैसे सब्जेक्ट्स जरूर पढ़े हों।
  • 12वीं क्लास में छात्र के 50% अंक होने अनिवार्य है।

मेकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स (Mechanical Engineering Course

यदि किसी छात्र को मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स करना है तो जानकारी के लिए बता दें कि यह फील्ड बहुत ही ज्यादा व्यापक है जिसमें छात्रों को मशीनों के निर्माण के साथ-साथ उनके डिजाइनिंग की जानकारी भी दी जाती है। एक मैकेनिकल इंजीनियर को बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य करने होते हैं जैसे कि मशीनों को बेहतरीन बनाना होता है जिससे कि वह कम एनर्जी लेकर ज्यादा प्रोडक्शन दे सकें। इसके अलावा छात्रों को जनरेटर के विषय में भी जानकारी दी जाती है। इस प्रकार मेकेनिकल क्षेत्र की संपूर्ण जानकारी एक मैकेनिकल इंजीनियर को प्रदान की जाती है जिसका उपयोग करते हुए वह सभी मैकेनिक वाले का आसानी के साथ कर सकते हैं।

योग्यता (Eligibility)

  • कैंडिडेट ने मिनिमम 12वीं कक्षा पास की हो।
  • 12वीं क्लास में कैंडिडेट ने केमिस्ट्री मैथ्स और फिजिक्स जैसे विषयों में 50% अंक हासिल किए हों।

सिविल इंजीनियरिंग कोर्स (Civil Engineering Course

सिविल इंजीनियरिंग में मौजूदा समय में इंजीनियरिंग क्षेत्र का एक बहुत ही लोकप्रिय और बेहतरीन कोर्स है। इस फील्ड में वही छात्र अपना भविष्य बनाना पसंद करते हैं जिन्हें घर बनाने, मकान बनाने और बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों को बनाने का शौक होता है। जो छात्र इस पाठ्यक्रम में दाखिला लेते हैं उन्हें इसके अंदर बिल्डिंग, सड़के, पुल, फ्लाईओवर, होटल, हॉस्पिटल इत्यादि जैसा कंस्ट्रक्शन निर्माण करने का काम सिखाया जाता है। साथ ही साथ बता दें कि एक सिविल इंजीनियर जब भी किसी जगह पर कंस्ट्रक्शन करता है तो उससे पहले वह वहां की मिट्टी की जांच इत्यादि की भी ठीक प्रकार से चैकिंग करता है। इस प्रकार से 12वीं के बाद सिविल इंजीनियरिंग कोर्स में भी कैंडिडेट डिप्लोमा डिग्री कोर्स करके अपना कैरियर बना सकते हैं।

योग्यता (Eligibility)

  • कैंडिडेट ने किसी प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त संस्थान से कम से कम 12वीं कक्षा पास की हो।
  • छात्र ने 12वीं में साइंस का विषय पढ़ा हो।
  • 12वीं कक्षा में विद्यार्थी ने मिनिमम 45% अंक हासिल किए हों।

निष्कर्ष

इस पोस्ट के द्वारा हमने आपको “12वीं के बाद इंजीनियरिंग कोर्स करें” के बारे में सारी महत्वपूर्ण जानकारी दी और फेमस इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के बारे में भी बताया जैसे कि-

  • कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग कोर्स
  • केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स
  • मेकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स
  • सिविल इंजीनियरिंग कोर्स

FAQ

Q: इंजीनियरिंग कोर्स कैसे करें?

Ans:इसके लिए विद्यार्थी को सबसे पहले 12वीं कक्षा विज्ञान विषय के साथ पास करनी आवश्यक होती है। फिर कैंडिडेट यह निर्णय लें कि उसको कौन से विषय में इंजीनियरिंग कोर्स करना है। इसके बाद वह उन संस्थानों के या कॉलेजों के बारे में पता लगाएं जहां से इंजीनियरिंग कोर्स करवाए जाते हैं एवं यह भी जानें कि जिस कॉलेज में उन्हें दाखिला लेना है वहां पर प्रवेश प्रक्रिया क्या है। अगर उस कॉलेज में एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर कैंडिडेट को एडमिशन मिलेगा तो तब उसे उस में भाग लेना होगा।

Q: क्या 12वीं आर्ट्स विषय में करने वाले छात्र इंजीनियर बन सकते हैं?

Ans: जी नहीं जिन छात्रों ने 12वीं कक्षा में आर्ट्स के विषय पढ़े होंगे उन्हें इंजीनियर बनने के लिए मौका नहीं मिलता है जिसका कारण यह है कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र का पाठ्यक्रम साइंस विषय के ऊपर आधारित होता है जिसकी वजह से जिन छात्रों के पास 12वीं में विज्ञान विषय होता है उन्हें इंजीनियर बनने में आसानी होती है।

Q: यदि कोई कैंडिडेट इंजीनियरिंग के लिए कंडक्ट कराए जाने वाली प्रवेश परीक्षा में सफल नहीं होता है तो तब वह क्या करें?

Ans: ऐसे में उस छात्र को चाहिए कि वह किसी प्राइवेट संस्थान से इंजीनियरिंग का कोर्स करें क्योंकि हमारे देश में ऐसे बहुत सारे निजी कॉलेज है जहां पर बिना किसी एंट्रेंस टेस्ट के पाठ्यक्रम में दाखिला दे दिया जाता है परंतु ऐसे कॉलेजों में फीस थोड़ी ज्यादा हो सकती है।

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