इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (Electrical Engineer) कैसे बने?

आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (Electrical Engineer) कैसे बने/ how to become electrical engineer? आजकल बहुत सारे छात्र ऐसे हैं जो 12वीं के बाद इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनना चाहते हैं क्योंकि इंजीनियरिंग का क्षेत्र आज काफी ज्यादा विकसित हो चुका है और इसी वजह से आज के युवाओं का झुकाव इस तरफ बहुत ज्यादा हो गया है। अगर आपने भी 12वीं कक्षा पास कर ली है और आप इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनना चाहते हैं तो यहां आपको हम बता दें कि इसके लिए आपको इस फील्ड के बारे में सारी आवश्यक बातों की जानकारी होनी चाहिए। तो दोस्तों हम आज के इस लेख में आपको बताएंगे कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियर कैसे बन सकते हैं इसलिए इस सारे पोस्ट को अंत तक पढ़े।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (Electrical Engineer) कैसे बने
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (Electrical Engineer) कैसे बने

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर क्या होता है (What is Electrical Engineer in Hindi)

यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को डिजाइन करने के अलावा उनके विकास को करने का कार्य इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर करता है। इसके अलावा किसी भी देश की टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने और उसके डेवलपमेंट में इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर का बहुत ही महत्वपूर्ण रोल होता है क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर का कार्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाने के अलावा उनका आविष्कार करने का भी होता है। जैसा कि आपको पता ही है कि आज के समय में हर काम बिजली के बिना संभव नहीं है और उसका संचालन और नियंत्रण का कार्य इलेक्ट्रिकल इंजीनियर ही करता है। इसलिए यदि आप इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनना चाहते हैं तो फिर इसके लिए आपको क्षेत्र से संबंधित डिग्री या फिर डिप्लोमा कोर्स अनिवार्य करना होगा।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स लिस्ट (electrical engineering course list)

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनने के लिए आपको इसके लिए कोर्स करना होगा। ‌निम्नलिखित हम आपको बता रहे हैं कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स कौन-कौन से होते हैं-

  • बीटेक इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (B.Tech in electrical engineering)
  • बीई इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (BE in electrical engineering)
  • डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (Diploma in electrical engineering)

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनने के लिए योग्यता / electrical engineer eligibility

  • उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से बारहवीं कक्षा विज्ञान विषय के साथ पास की हो।
  • कैंडिडेट के पास 12वीं कक्षा में विज्ञान के अलावा गणित भी होना चाहिए।
  • उम्मीदवार ने 12वीं कक्षा में 60% तक मार्क्स हासिल किए हो।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया (Admission process for electrical engineering course)

यहां हम आपको बता दें कि अगर आप 12वीं कक्षा पास करने के बाद इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनना चाहते हैं और जिसके लिए आप किसी अच्छे संस्थान में दाखिला लेना चाहते हैं तो फिर उसके लिए आपको प्रवेश परीक्षा में भाग लेना होगा और उसमें पास होना भी अनिवार्य होगा क्योंकि इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनने के लिए आपको सरकारी कॉलेज में केवल तभी दाखिला मिलेगा जब आप एंट्रेंस एग्जाम को पास कर लेंगे। ‌यहां हम आपको बता दें कि निम्नलिखित प्रवेश परीक्षाएं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए हमारे देश में आयोजित होती हैं जैसे कि-

  • जेईई मेंस (JEE Mains)
  • डब्ल्यूबी जेईई (WB Jee)
  • वीआईटीजेईई (VITJee)
  • एमएचटीसीईटी (MHTCET)

दोस्तों यहां हम आपको बता दें कि अगर आप इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनना चाहते हैं तो आपको उपरोक्त परीक्षाओं में से किसी एक में पास होना जरूरी होगा। लेकिन अगर आप किसी वजह से परीक्षा में पास नहीं हो पाते हैं तो फिर आपको घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि भारत में ऐसे बहुत सारे प्राइवेट कॉलेज भी हैं जहां पर आप बिना किसी एग्जाम के भी एडमिशन ले सकते हैं।

भारत में टॉप इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कॉलेज (Top electrical engineering college in India)

यदि आपको यह नहीं पता है कि हमारे देश भारत में कौन-कौन से अच्छे इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कॉलेज है तो फिर यहां आपको हम जानकारी दे दें कि ऐसे बहुत सारे इलेक्ट्रिकल इंस्टिट्यूट हैं जहां से आपको इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनने के लिए उत्तम ट्रेनिंग दी जाएगी उन कॉलेजों के नाम इस प्रकार से हैं-

  • मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (Manipal Institute of Technology)
  • बिट्स पिलानी (BITS Pilani)
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (National Institute of Technology)
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, मद्रास (Indian Institute of Technology, Madras)
  • दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, दिल्ली (Delhi College of Engineering, Delhi)
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, कानपुर (Indian Institute of Technology, Kanpur)
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, खरगपुर (Indian Institute of Technology, Kharagpur)
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, मुंबई (Indian Institute of Technology Mumbai)
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, गुवाहाटी (Indian Institute of Technology, Guwahati)

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स फीस (electrical engineering course fees)

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स की फीस इस बात के ऊपर डिपेंड करती है कि आप सरकारी कॉलेज से कोर्स कर रहे हैं या फिर प्राइवेट कॉलेज से। जब कैंडिडेट प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर लेते हैं तो फिर उन्हें सरकारी कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का अवसर मिलता है लेकिन वहीं दूसरी ओर जो छात्र प्राइवेट कॉलेज में दाखिला लेते हैं तो फिर वहां उन्हें गवर्नमेंट कॉलेज की अपेक्षा ज्यादा फीस का भुगतान करना होता है। इसके अलावा यहां यह जानकारी भी दे दें कि डिग्री कोर्स की फीस डिप्लोमा कोर्स से ज्यादा होती है। इस प्रकार देखा जाए तो इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए कैंडिडेट को सालाना 50,000 रुपए से लेकर दो लाख रुपए तक की फीस का भुगतान करना होता है।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स के नौकरी (jobs after electrical engineering course)

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद किसी भी कैंडिडेट को नौकरी करने के लिए बिल्कुल भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है क्योंकि इस फील्ड में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की मांग बहुत ज्यादा रहती है। इसलिए अगर आप इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बन जाते हैं तो फिर आपको प्राइवेट सेक्टर और गवर्नमेंट सेक्टर में नौकरी करने के बहुत सारे अवसर मिलते हैं जैसे कि गवर्नमेंट ऑफ़िस, इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट, कॉलेज, इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल,रेडियो, टीवी, इलेक्ट्रिकल कंपनियां इत्यादि।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के कार्य (electrical engineer works)

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को बहुत सारे काम करने होते हैं और उन सब में उसे काफी अधिक सतर्कता भी बरतनी पड़ती है क्योंकि उनका काम काफी मुश्किल होने के साथ-साथ जोखिम वाला भी होता है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को अपने पद पर रहते हुए निम्नलिखित कार्य करने होते हैं जैसे कि-

  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का परीक्षण करने के साथ-साथ उनका रख-रखाव करना।
  • किसी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में यदि किसी भी तरह की कोई खराबी हो जाए तो उसमें संशोधन कार्य करना।
  • छोटे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज बनाने के साथ-साथ बड़े-बड़े इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को बनाना और विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खोज-बीन करना।
  • अगर किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में कोई खराबी हो जाए तो फिर उसको ठीक करना और इसके साथ-साथ उसके सबसे लेटेस्ट वर्जन अपडेट करना।
  • इलेक्ट्रॉनिक डिपार्टमेंट्स में सभी बिजली से जुड़े कार्य करना।
  • कंप्यूटर टेक्नोलॉजी में अगर कोई खराबी हो जाए तो उसे भी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर ही ठीक करते हैं। ‌

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर का वेतन (electrical engineer salary)

जब कोई कैंडिडेट इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बन जाता है तो फिर आपको बता दें कि उसे हर महीने 30,000 रुपए से लेकर 40,000 रुपए तक की सैलरी मिल जाती है जो कि उसको एक्सपीरियंस होने के बाद बढ़ जाती है। इसके अलावा बहुत से कैंडिडेट ऐसे होते हैं जो विदेशों में जाकर नौकरी करना पसंद करते हैं तो वहां पर उन्हें और भी ज्यादा सैलरी मिल जाती है।‌

निष्कर्ष

दोस्तों आज के इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको जानकारी दी कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (Electrical Engineer) कैसे बने/ how to become electrical engineer? इस लेख में हमने आपको उन सभी महत्वपूर्ण बातों के बारे में बता दिया है जो एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनने के लिए आवश्यक है जैसे कि-

  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियर क्या होता है
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स लिस्ट
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनने के लिए योग्यता
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया
  • भारत में टॉप इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कॉलेज
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स की फीस
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स के बाद नौकरी
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के कार्य
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियर का वेतन

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