DLF Company का मालिक कौन है ? Owner of DLF

आज के समय मे मकान बनाने व जमीन खरीदने की मांग काफी बढ़ रही हैं। जिसे भी देखो वो या तो प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करता है या शेयर बाजार में। भारत में रियल एस्टेट कंपनियों के बारे में देखें तो कई ऐसी कंपनियां है जो इस क्षेत्र में आज काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्हीं कंपनियों में से एक कहानी यह भी है जो ‘‘ DLF ’’ के नाम से जानी जाती हैं। 

भारत में टॉप रियल एस्टेट कंपनियों में इस कंपनी का नाम भी शान से लिया जाता है। डीएलएफ जिसने कभी भारत में खेली जाने वाली इंडियन प्रीमियर लीग को स्पॉन्सर किया था। इस लेख में आपको इसी रियल एस्टेट कंपनी के बारे मे बताया जा रहा है। अतः आप DLF Company का मालिक कौन है ? इस लेख को अंत तक पढे ताकि आपको इस डीएलएफ कंपनी के बारे मे पूरी जानकारी मिल सके। 

DLF Company का मालिक कौन है
DLF Company का मालिक कौन है

DLF क्या है ?

भारत में यह डी.एल.एफ कम्पनी को जी मुख्य रूप से ‘‘दिल्ली एंड फाइनेंस’’ के नाम से जानी जाती है। इस कंपनी की शुरुआत वर्तमान देश की राजधानी दिल्ली से की गई थी। यह कंपनी देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कम्पनी है जो देश में आंशिक रूप से कार्य करती है। इस ‘‘डीएलएफ’’ ग्रुप की स्थापना 1946 में की गई थी जिसके प्रेरणा स्त्रोत या संस्थापक राघवेंद्र सिंह थे जिनके द्वारा इस कम्पनी की स्थापना की गई थी। 

इस कंपनी ने देश में कई बड़ी – बड़ी इमारतों का निर्माण किया है जैसे शिवाजी पार्क, जो वास्तव में इस कंपनी द्वारा किया गया पहला निर्माण था। राजौरी गार्डन, कृष्णा नगर, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, कैलाश कॉलोनी और हौज खास और इतना ही नहीं इसके अलावा और भी कई आवासीय कॉलोनियां है जो इस कंपनी के द्वारा बनाई गई है। 

सन 1957 के बाद से दिल्ली मे बनी ज्यादातर बिल्डिंगों का निर्माण भी इसी कम्पनी द्वारा किया गया था। इसके बाद बदलते समय के साथ इस कंपनी की डिमांड बढ़ती गई जिसके बाद इस कम्पनी ने कई सारी और भी बिल्डिंगों का निर्माण देश के बाहर किया। 1970 के साल में इस कम्पनी ने गुड़गांव, और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी इस कंपनी का कार्य सराहनीय रहा। 

इस कंपनी ने काफी कम समय में अपनी साख इतनी बढ़ा दी की इसके बाद इस कम्पनी को मुख्य कंपनी के रूप में जाना जाने लगा, इस कम्पनी ने IPL को भी स्पॉन्सर किया था। इस कंपनी के मालिक दुनिया के 98वें अमीर आदमी है। 2009 के साल में फोर्ब्स ने उनको अपनी दुनिया की अमीरों की लिस्ट में जोडा था। 

DLF का मालिक कौन है ?

अगर डीएलएफ कंपनी के मालिक की बात करें तो इस कंपनी के मालिक के रूप में ‘‘चौधरी रघुविन्द्र सिंह’’ को जाना जाता है। भारत के चौधरी राघवेंद्र सिंह ने 1946 में पूर्व-स्वतंत्र भारत में इस ‘‘डीएलएफ कंपनी’’ की स्थापना की। वह एक व्यवसायी है, उन्होंने दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के शहरी हुलिये को बदलकर अपनी रियल एस्टेट के करियर की की शुरुआत की थी, जो की विभाजन में पिछड़े हुए परिवारों को लाखों लोगों को घर प्रदान करते थे उसके बाद वे लोग  राजधानी में बस गए थे उनके लिए भी घर की व्यवस्था उन्होंने की थी।

अगर उनके जीवन और उनकी पढ़ाई की बात करे तो इनका जन्म 19 सितंबर, 1910 दिल्ली में हुआ था, उसके बाद उन्होने मूल रूप से दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से अपनी स्नातक की पढाई पुरी की उसके बाद इसके बाद वे चौधरी साहब भारतीय सेना में शामिल होने के लिए चले गए जहां वह मेजर के एक महत्वपूर्ण पद पर कार्य किया उनको अपने जीवन के इस कार्य के लिए अवार्ड भी दिया गया था। 

DLF का 2014 का मामला

हम इस कंपनी की कई सारी बातों के बारे मे बात कर चुके है पर क्या आप इस कंपनी के 2014 में हुई घटना के बारे मे जानते है ? अगर नहीं जानते तो उस घटना के बारे में आपको हम इस लेख में आगे बता रहे है जो की आपको जानना चाहिए, हालांकि इस घटना के बाद भी आज भी यह कंपनी भारत में अपना वजूद दिखाने में माहिर है। हम उसी डीएलएफ की बात कर रहे है जिसने कभी आईपीएल को स्पॉन्सर किया था जिसके बाद इस कंपनी का काफी तेजी से नाम हुआ परन्तु उतनी  ही तेजी से उस एक घटना के बाद उस कंपनी को ग्राउंड फ्लोर पर आना पड़ा।

इस घटना की चर्चा केके सिन्हा नाम के एक व्यक्ति से शुरू होती जिन्होने इस कंपनी की शिकायत सेबी मे की थी। 

उस एक शिकायत के बाद तो मानो इस कंपनी पर संकट के बादल और तेजी से छाने लग गए। इस लेख में सिन्हा ने कंपनी में हो रही गड़बड़ियों के बारे में देश के सामने लाकर रख दिया जिसके बाद तो दिल्ली जन्तर मन्तर पर भीड़ बढ़ने लगी। क्या आप इस घटना का जिम्मेदार सिन्हा को मानते है ? हा हालांकि कुछ जानकारों की मानें को डीएलएफ के संकट में फंसने के लिए जिम्मेदार केवल एक ही है वह है के.के. सिन्हा। 

सिन्हा नाम के इस शख्स ने तो मानो की डीएलएफ के पसीने ही छुड़वा दिए। उसके बाद तो सेबी ने डीएलएफ के चेयरमैन के पी सिंह सहित अन्य छह कार्यकारी अधिकारियों को अगले तीन साल तक पूँजी बाजार में महत्वपूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जिसके बाद यह कम्पनी संकट मे आ गई। 

2014 की घटना पर सेबी

इस पूरे घटनाम पर भारत मे स्थित सेबी का मानना है कि इस डीएलएफ ने जिन नियमों का मखौल उड़ाया है, उनका सभी नियमों का ताल्लुक केवल घोषणा संबंधी मामलों से नहीं है। इस मामले मे कॉरपोरेट मामलों के ज्यादा जानकार सुरेन्द्र गंभीर भी ऐसी ही बात को मानते हैं कि अब इस प्रकार से होने वाली घटना के बाद शेयर धारकों और इसके अलावा दूसरे जिम्मेदार नागरिकों को भी अब उन कंपनियों की सेबी में ठोस सबूतो के साथ शिकायत करनी चाहिए जो की अपने कार्यशैली मे ठीक तरीके से काम नहीं कर रही है और गड़बड़ियाँ कर रही है और जो कम्पनियां अपने शेयरधारकों और दूसरे लोगों के हितों के साथ काफी ज्यादा मात्रा मे खिलवाड़ करती हैं। सेबी व संबंधित जानकारों ने यह भी कहा की उन्होंने कहा कि देश को के.के. सिन्हा जैसे बहुत से नागरिकों की जरूरत है। 

इस लेख में आपको जो भी जानकारी बताई गई है वह पूर्ण रूप से इंटरनेट पर से ली गई है जो की सत्य योग्य है परन्तु इस पर विश्वास करने से पहले एक बाद अपने स्तर पर रिसर्च जरूर कर लेवे। 

शेयर बाजार में मचा रही तहलका 

भारत की यह रियल एस्टेट वाली कंपनी डीएलएफ वर्तमान मे भारत के शेयर बाजार में काफी तहलका मचा रही है। वर्तमान में इस कंपनी के एक शेयर का मूल्य तकरीबन 286 रुपये है। इतना ही नहीं यह कंपनी पिछले 5 सालों से कॉफी ग्रो कर रही है। 

अगर आप एक निवेशक है और इस कंपनी में निवेश करने की सोच रहें है तो यह वक्त आपके लिए काफी अच्छा है। इस समय अगर आप निवेश करते है तो भविष्य में एक अच्छा मुनाफा कमा सकते है। हालांकि हम आपको निवेश करने के लिए बाध्य नहीं करते है इसके लिए आप अपने किसी शेयर बाजार के विशेषज्ञ से बात कर उनसे सलाह ले सकते हैं। 

निष्कर्ष

DLF Company का मालिक कौन है ? आपको इस लेख में इस ‘‘डीएलएफ’’ कंपनी के बारे में बताया गया है, जिसका मुख्यालय हरियाणा में स्थित है। डी.एल.एफ कम्पनी को जी मुख्य रूप से ‘‘दिल्ली एंड फाइनेंस’’ के नाम से जानी जाती है, इस कंपनी की शुरुआत वर्तमान देश की राजधानी दिल्ली से की गई थी। यह कंपनी देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कम्पनी है जो देश में आंशिक रूप से कार्य करती है।

FAQ

प्रश्न 1 – क्या वर्तमान में इस डीएलएफ कंपनी के शेयर खरीदने के लिए सही है ?

उत्तर – अगर आप शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे है तो आपके लिए यह जानना जरूरी है की वर्तमान में यह कंपनी एक अच्छा बिजनेस करती दिखाई दे रही है। आप अगर निवेश करने की सोच रहे है तो आपके लिए स्टॉक अच्छा साबित हो सकता है।

प्रश्न 2 – वर्तमान में इस डीएलएफ ग्रुप में कितनी कंपनियां है ?

उत्तर – वर्तमान में इस डीएलएफ कंपनी में तकरीबन 23 कंपनियां है जो इस ग्रुप में काम कर रही है। इस ग्रुप की कंपनियां वर्तमान में भारत की टॉप कंपनियों में शुमार है। 4 जुलाई 1996 में इस ग्रुप की शुरुआत हुई थी जिसके बाद से यह वर्तमान में भी अपनी अच्छी सेवाएं दे रही है।

प्रश्न 3 – डीएलएफ का पूरा नाम क्या है ?

उत्तर –  डीएलएफ का पूरा नाम Delhi Land and Finance है। यह कंपनी रियल एस्टेट कंपनी के तौर पर कार्य करती है। डीएलएफ कंपनी आवासीय कॉलोनियों व भवन बनाने का कार्य करती है।

प्रश्न 4 – डीएलएफ कंपनी के संस्थापक कौन है ?

उत्तर – इस कंपनी के संस्थापक के रूप में ‘‘चैधरी रघुविन्द्र सिंह’’ को जाना जाता है। भारत के व्यवसायी चौधरी राघवेंद्र सिंह ने 1946 के साल में पूर्व-स्वतंत्र भारत में इस ‘‘डीएलएफ कंपनी’’ की स्थापना की।

प्रश्न 5 – डीएलएफ कंपनी के सीईओ यानी मुख्य कार्यकारी अधिकारी कौन है ?

उत्तर – डीएलएफ कंपनी के वर्तमान में सीईओ मोहित गुजराल है जो अगस्त 2015 से इस कंपनी के साथ जुड़े हुए है। इससे पहले इस कंपनी के सीईओ राजीव तलवार थे। 

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