Bulb Ka Avishkar Kisne Kiya -पूरी जानकारी

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि Bulb Ka Avishkar Kisne Kiya ? एवं इससे जुड़ी हुई अन्य दूसरी जानकारी भी। तो हमारे इस आर्टिकल को शुरू से लेकर अंत तक जरूर पढ़ें।

Bulb Ka Avishkar Kisne Kiya
Bulb Ka Avishkar Kisne Kiya

Bulb Ka Avishkar Kisne Kiya ?

बल्ब का आविष्कार

आप और हम हमेशा अपने आस पास कुछ ऐसी चीजे देखते है जो हमे रोशनी देती है जिससे बल्ब, टयूबलाईट इत्यादि शामिल है। अगर  हम आज की बात करे तो कई प्रकार के बल्ब हमे देखने को मिलते है, अलग – अलग डिजाईन ओर अलग – अलग रंग के। क्या आपको पता है की सर्वप्रथम इस बल्ब की आवश्यकता क्यो पडी ओर कैसे इस बल्ब का आविष्कार हुआ। अगर आप जानना चाहते है तो इस लेख को अंत तक पढे ताकी आपको इसकी पूरी जानकारी मिल सके की आखिरी बल्ब का आविष्कार कैसे हुआ और क्यो इसकी आवश्यकता हुई?

बल्ब की खोज क्यो हुई ?

यह बात हे 1978 की जब की डेवी, स्वान और थाॅमस एडीसन ने 1978 मे एक प्रकार की रोशनी के लिए सबसे पहले अपने प्रोडक्ट को पेटेंट करवाने के लिए आवेदन किया जब उन्हें पता चला की एक प्रकार का कार्बनीकृत बांस रेशा 1200 से अधिक घंटे तक चल सकता है और उसके माध्यम से हमे रोशनी दे सकता है। आगे की बात आपको यह बता देते है की सन 1802 मे हम्फ्री डेवी ने बिजली की प्रथम रोशनी का आविष्कार किया था जो की आज के समय काफी पॉपुलर है। आपको यह बात बता दे थॉमस एडिसन ने बल्ब का पेटेंट कराया था जिन्हे बल्ब का आविष्कार कर्ता के रूप मे जाना जाता है। उनकी इस खोज के मध्यकालीन समय मे एक क्रांति ला दी जिसकी वजह से घरों व कारखानों मे लाइट को पहुंचना संभव हुआ। 

बल्ब का आविष्कार किसने किया ? 

बल्ब के आविष्कार का श्रेय थॉमस एडिसन दिया जाता है जिनकी वजह से हम आज रात्रि के समय मे भी उजाला देख पाते है। Sir थॉमस एडिसन के बल्ब का आविष्कार सन 1880 मे किया था जब उन्हें पता चला की दो तारों के मिलन से बिजली का उत्पादन संभव हो सकता है। उन्होंने अपने इस आविष्कार के समय मे कार्बनीकृत बांस के फिलामेंट का उपयोग कर बिजली को अस्तित्व मे लाया था। 

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थॉमस एडिसन के बारे मे 

बल्ब का आविष्कार करने वाले Thomas Edison के बारे मे सामान्य जानकारी जिन्हे हर कोई जानना चाहता है। संक्षिप्त मे जानकारी विज्ञान के क्षेत्र मे अपना नाम कमाने वाले गरीब परिवार मे जन्मे थॉमस एडिसन अपने पिता के 7 वीं संतान थे। वे बचपन से ही काफी जिज्ञासु और पढ़ाई मे होशियार है। थॉमस के नाम कई पेटेंट रजिस्टर है। थॉमस ने कई तरह के आविष्कार किये है जिसमे से एक बल्ब का आविष्कार भी है। थॉमस का जन्म 11 फरवरी 1847 को अमेरिका के मिलान मे हुआ था इनका पूरा नाम थॉमस अल्वा एडिसन था जो अमेरिका के एक बडे फेमस खोजकर्ता और व्यवसायी थे।

थॉमस ने शुरू मे अपने करियर की शुरुआत के टेलीग्राफ ऑपरेटर के रूप मे की थी जिनकी प्रेरणा उनको किसी पुराने खोजकर्ता से मिली थी। थॉमस ने अपनी पहली लेबोरेटरी 1876 मे Menlo Park मे खोली थी जहां पर पूर्व मे भी कई आविष्कार पर कार्य किया जाता था। 

इसके बाद उन्होंने एक बोटिक लेबोरेटरी की स्थापना की जो फ्लोरिडा मे थी और उस कंपनी मे एक व्यवसायी के साथ कोलेबरेशन किया था। थॉमस ने अपने जीवन मे कई प्रकार की चुनौतियों का सामना किया है जिसकी वजह से उन्होंने लगभग 1000 से अधिक आविष्कार किये थे। आपको बता दे की थॉमस एक गरीब परिवार मे जन्मे थे जिन्होंने अपने संघर्षपूर्ण जीवन को दौहरान बल्ब की खोज की थी।

थॉमस एडीसन महोदय अपनी पहली प्रयोगशाला केवल 10 साल की आयु में ही बना ली थी। उनकी माँ ने उन्हें एक ऐसी किताब दी जिसमें उन्हें कई सारे रासायनिक प्रयोग दिए हुए थे। थॉमस एडिसन को यह पुस्तक काफी भा गई और उन्होंने अपने सारे पैसे रसायनों पर खर्च करके यह सारे प्रयोग कर डाले। ऐसा कहा जाता है की पहला बल्ब बनाने मे थॉमस को लगभग 40 हजार डॉलर की लागत आई थी। 

नामथॉमस अल्वा एडिसन
जन्म11 फरवरी 1847 मिलन, ऑहियो, संयुक्त राज्य अमेरिका
पितासेमुअल ओग्डेन एडिसन
मातानैंसी मैथ्यू इलियट
पत्नीमैरी स्टिलवेल (m. 1871–84), मीना मिलर (m. 1886–1931)

अब तक बल्ब का इतिहास

अब तक बल्ब का क्या इतिहास रहा है इसके बारे मे भी आपको जानना चाहिए।

  • 1809 हम्फ्री डेवी – उन्होंने अपने आविष्कार मे बैटरी के जुड़े तारो के बीच एक क्रोनिकल स्ट्रीप लगाकर प्रकाश की खोज की थी।
  • 1840 वोरेन डे लारू – इन्होने एक सील वैक्यूम ट्यूब मे एक प्रकार का प्लैटिनम फिलामेंट लगाकर एक प्रकार का बल्ब बनाया था। परन्तु इस खोज की वजह से एक नुकसान था की इससे बल्ब का खर्चा बढ़ा दिया। 
  • 1875 हेनरी वुडवर्ड ओर मैथ्यू डवांस – इन दोनों महोदय ने अपनी मेहनत की वजह से प्रकाश के बल्ब का पेटेंट सर्वप्रथम करवाया। इनके  बल्ब की डिजाइन वोरेन डे ला रू के डिजाइन के समान ही थी। 
  • 1880 थॉमस एडिसन – थॉमस महोदय ने वुडवर्ड ओर इवांस से पूर्व मे रजिस्टर्ड पेटेंट खरीद लिया और उसमें संसाधन कर कार्बनीकृत बांस से फिलामेंट कर बल्ब बनाया था जो की 600 घंटे तक लगातार चल सकते थे। इन महोदय द्वारा बनाये गये बल्ब को ही वास्तिव बल्ब की खोज माना गया है। 
  • 1913 इरविंग लैगमुइर – इन महोदय द्वारा अक्रिय गैस जोड कर एक प्रकार का नियॉन बल्ब बनाया था। 
  • 1976 एडवर्ड ई हैमर – इन महोदय ने CFL ( compact fluorescent light ) सर्वप्रथम बल्ब का अविष्कार किया था। 
  • 1997 इसामु, हिरोशी अमानो, शुजी नाकापुरा – इन तीनो महाशयो मे वर्तमान मे चल रहे एलईडी बल्ब का आविष्कार किया था। 

बल्ब के प्रकार

बल्ब मुख्यतः 3 प्रकार के होते है परन्तु ज्यादातर 2 प्रकार के बल्ब का ही उपयोग किया जाता है – 

  • LED – यह बल्ब ज्यादातर उपयोग किया जाने वाला बल्ब होता है जिसका पुरा नाम Light Emitting Diode होता है। इस प्रकार के बल्ब ज्यादा ऊष्मा व प्रकाश देते है। इस प्रकार के बल्ब को यातायात संकेत, खनन उद्योग इत्यादि जगहों पर उपयोग मे लिया जा सकता है। इस बल्ब से गुजरने वाली की किरणों को ही LED कहा जाता है। 
  • CFL – इस बल्ब का पूरा नाम Compact Fluorescent Light है। इस प्रकार के बल्ब को पूर्व मे काफी ज्यादा उपयोग किया जाता था और आज भी कही कही ऐसे बल्ब देखने को मिल सकते है। आपको बता दे की CFL बल्ब Organ के बने होते है। इस प्रकार के बल्ब का उपयोग घरों व आफिसो मे ज्यादातर होता है। 

LED और CFL बल्ब मे अन्तर

  • LED कम बिजली की खपत करता है वही CFL ज्यादा बिजली की खपत करता है। 
  • LED की वैलिडिटी देखी जाये तो यह 50,000 घंटे के लगभग चलती है वही CFL बल्ब लगातार 8000 घंटे तक अपनी रोशनी दे सकता है।
  • LED की बल्ब काफी महंगा आता है वही एक CFL बल्ब LED बल्ब के मुकाबले सस्ता पडता है। 
  • LED बल्ब टिकाऊ बल्ब होता है वही यह लम्बे समय तक चलता है वही एक CFL बल्ब ज्यादा समय नहीं चलता। 
  • LED बल्ब अगर आप खरीदते है तो आपको इस पर 2 से 3 साल तक की गारंटी मिलती है वही CFL बल्ब पर 6 माह से 1 साल तक की गारंटी मिलती है। 
  • LED बल्ब जलने पर गर्म नही होता वही CGL बल्ब जलने पर जल्दी गर्म हो जाता है। 
  • LED बल्ब वजन मे हल्के होते है वही CGL बल्ब वजन मे भारी होते है। 

निष्कर्ष

आज के समय मे पूरी दूनियां का अंधेरे मे रोशनी देने वाले बल्ब का आविष्कार थाॅमस एडीसन ने किया था जो अमेरिका के एक व्यवसायी और खोजकर्ता है। बल्ब के आविष्कार का श्रेय थॉमस एडिसन दिया जाता है जिनकी वजह से हम आज रात्रि के समय मे भी उजाला देख पाते है। जनबा थॉमस एडिसन के बल्ब का आविष्कार सन 1880 मे किया था जब उन्हें पता चला की दो तारों के मिलन से बिजली का उत्पादन संभव हो सकता है। इस लेख मे हमने बल्ब के आविष्कार के बारे पूरी जानकारी देने की कोशिश की है जिसमे आपको बल्ब के आविष्कार के बारे मे जानकारी मिल सके। 

FAQ

प्रश्न 1 – बल्ब का आविष्कार किसने किया ?

उत्तर – बल्ब के आविष्कार का श्रेय थॉमस एडिसन दिया जाता है जिनकी वजह से हम आज रात्रि के समय मे भी उजाला देख पाते है। जनाब थॉमस एडिसन के बल्ब का आविष्कार सन 1880 मे किया था जब उन्हें पता चला की दो तारों के मिलन से बिजली का उत्पादन संभव हो सकता है।

प्रश्न 2 – बल्ब के कितने प्रकार होते है ?

उत्तर – मुख्यतः बल्ब 3 प्रकार के होते है परन्तु सामान्यतः हम दो प्रकार के बल्ब का ही उपयोग करते है जिसमे LED ओर CFL शामिल है। 

प्रश्न 3 – LED बल्ब ओर CFL बल्ब की फुल फॉर्म क्या है ?

उत्तर – LED बल्ब की फुल फॉर्म Light Emitting Diode होती है ओर बल्ब की फूल फाॅर्म Compact Fluorescent Light होती है। 

प्रश्न 4 – सर्वप्रथम CFL बल्ब का आविष्कार किसने किया ?

उत्तर – एडवर्ड ई हैमर ने महोदय ने CFL सर्वप्रथम बल्ब का अविष्कार किया था। 

प्रश्न 5 – थॉमस एडिसन कौन थे ?

उत्तर – थाँमस ऐडिसन अमेरिका के एक खोजकर्ता ओर उद्यमी थे जिन्होने बल्ब का आविष्कार किया था। थाॅमस एडीसन महोदय अपनी पहली प्रयोगशाला केवल 10 साल की आयु में ही बना ली थी। उनकी माँ ने उन्हें एक ऐसी किताब दी जिसमें उन्हे कई सारे रासायनिक प्रयोग दिए हुए थे। थॉमस एडिसन को यह पुस्तक काफी भा गई और उन्होंने अपने सारे पैसे रसायनों पर खर्च करके यह सारे प्रयोग कर डाले।

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि Bulb Ka Avishkar Kisne Kiya ? एवं इससे जुड़ी हुई अन्य जानकारी भी |तो हमको उम्मीद है की Bulb Ka Avishkar Kisne Kiya ? पर ये आर्टिकल आपको जरूर पसंद आएगा।

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