Algebra का अविष्कार किसने किया ? उत्तर जाने

विश्व मे गणित का इतिहास काफी पूराणा है जिस वजह से गणित को काफी महत्ता दी जाती है। आपको इस बात को अंदाजा होगा की गणित के बिना व्यवसाय व आर्थिक समरूपों मे कोई भी कार्य करना असंभव सा हो जाता है। गणित को आधार मान कर ही आज लेखांकन को इतना महत्व दिया जाता है। गणित और लेखांकन कई मायनों मे एक से ही है। गणित मे एक और भाग होता है Algebra जिसे हिन्दी मे बिजगणित कहते है। इस लेख मे Algebra का अविष्कार किसने किया ? बिजगणित के बारे मे बताया गया है। अतः आप इस लेख को अंत तक पढे़ ताकि आपको पूरी जानकारी मिल सके। 

बिजगणित क्या है ?( What is Algebra ) 

बिजगणित गणित के कई व्यापक भागों मे से एक है। संख्या, सिद्धांत, विश्लेषण इसके मूल सिद्धांत है जिसको बिजगणित मे रखा जाता है। एक सामान्य रूप में बिजगणित गणितीज्ञ प्रतीकों का समावेश है। एक रूप मे देखा जाये तो बिजगणित गणित के सभी विषयों को एक धागे मे माला के समान पिरोये रखता है। बिजगणित से ही कई प्रकार की अलग – अलग गणितों का प्रारम्भ माना जाता है। बिजगणित को समान रूप में चर तथा अचर राशियों के समीकरण को हल करने तथा चर राशियों के मान निकालने पर आधारित है। प्रारंभिक गणित का इतिहास तक़रीबन 3000 से 2000 वर्ष पूराणा माना जाता है। ऐसा भी माना जाता है की प्राचीन काल मे महिलाए धर्म चक्र को याद रखने के लिए गिनती करती थी। एक सामान्य परिभाषा के रूप मे देखा जाये तो बिजगणित गणित का वह भाग है जिसमे संख्याओं से स्थान पर चिन्हों को रखा जाता है। 

Algebra का अविष्कार किसने किया
Algebra का अविष्कार किसने किया

बिजगणित का अविष्कार ( Foundation of Algebra ) 

बिजगणित के खोजकर्ता के रूप मे अल-ख्वारिजमी को जाना जाता है जिसका पुराना नाम ‘क्ट्टक’ था। एक हिंदू गणितीज्ञ ब्रहपुत्र ने इस गणित के प्रकार का पूर्व मे नाम ‘कट्टक गणित’ रखा था। देखा जाये तो बिजगणित का प्राचीन नाम भी ‘कट्टक गणित’ ही है। बात सन् 960 की है जब ‘पृथद्क स्वामी’ ने कट्टक गणित का नाम बदलकर बिजगणित रखा था। इस नाम मे बीज का अर्थ होता है ‘तत्व’। बिजगणित का सामान्य मतलब है की किसी विज्ञान के तत्व से। बिजगणित के अविष्कारकर्ता कट्टक का पूरा नाम मोहम्मद बिन मूसा – अल – ख्वारिजमी है। इनका जन्म ख्वारिजमी नामक सिटी मे हुआ है जो मध्य एशिया के एक देश मे आया हुआ है। ख्वारिजमी ने अपने जीवन मे कई क्षेत्रों मे अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है जिसमे गणित, भूगोल, एस्ट्रोलॉजी शामिल है। ख्वारिजमी ने अपनी गणित की समस्याओं का समाधान करने के लिए कुछ फार्मूले बनाये थे जो की निम्न है। 

  • squares equal roots (ax2 = bx)
  • squares equal number (ax2 = c)
  • roots equal number (bx = c)
  • squares and roots equal number (ax2 + bx = c)
  • squares and number equal roots (ax2 + c = bx)
  • roots and number equal squares (bx + c = ax2)

अल-ख्वारिजमी को बिजणित का पिता कहा जाता है जिन्होंने 9वी शताब्दी में बिजगणित के बीज रखे थे जो की बहड नामक शहर मे रहते थे और वह मूलतः इरानी थे। उन्होने अपने जीवनकाल मे ग्रीक व भारतीय गणित एवं अस्त्रोनोमी को अरबी भाषा मे कन्वर्ट किया और उसे अधिक उपयोगी बनाने का कार्य किया। Algoritham शब्द की शुरूआत भी अल-ख्वारिजमी के नाम से ही जानी जाती है जो की लेटन भाषा का एक शब्द है। अल-ख्वारिजमी का अन्य महत्वपूर्ण योगदान बीजगणित भी था, एक शब्द जो कि 830 में प्रकाशित एक गणितीय किताब के शीर्षक से लिया गया था, जिसे “Al-Kitab al-mukhtasar fi hisab al-jabr wa’l-muqabala” ( कम्पलीशन और ब्लेसिंग द्वारा कैलक्यूलेश्सन पर एक पूरी किताब )। अल-ख्वारिजमी भारतीयों और चीनियों द्वारा समस्याओं के विश्लेषण के सामान्य तरीके पर विचार करने वाली विशिष्ट समस्याओं से जाना चाहता था, और ऐसा करने के लिए उसने एक अमूर्त गणितीय भाषा बनाई जो आज दुनिया भर में इस्तेमाल की जाती है।

गणित मे कैसे महानता हासिल करें ? ( How to learn Mathematics ) 

आप अगर गणित को पढना चाहते है या इसे समझना चाहते है तो आपको इसके बारे मे एक बार तो समझना चाहिए की गणित को कैसे सीखें, रटना किसी समस्या का समाधान नही होता और खासकर गणित जैसे विषय के संदर्भ मे। गणित को समझने के लिए आपको पहले इस विषय के बारे मे पढना पड़ेगा तो आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे है जो की आपको फाॅलो करने चाहिए ताकि आप गणित जैसे विषय मे दक्षता हासिल कर सके। 

  • बेसिक काॅन्सेप्ट क्लियर करें – गणित विषय एक ऐसा विषय है जिसे आपको समझना पडता है क्योंकि गणित मे जब तक आपको इसके बेसिक फंडामेंटल पता नही चलेंगे तब तक आप इसे समझ नही सकते है। गणित को समझने के लिए आपको कम से कम 1 से 100 तक पहाडे याद होंने चाहिए ताकी आप इसमे टाॅपिक्स को समझ सकते है। 
  • हमेशा प्रेटिक्स करे – गणित विषय मे ज्यादा जरूरी है रोजाना प्रेक्टिस, अगर आप समय समय पर रोजाना इस विषय की प्रेक्टिस करते है तो आपको गणित का ज्ञान तो होगा ही वही साथ मे गणित के टाॅपिक्स भी क्लियर होते जायेंगे। इसलिए आप समय समय पर गणित विषय व इससे जुड विषयों की प्रेक्टिस जरूर करें। उदाहरण – अगर आप एक खिलाडी है तो आपको पता होगा की खेलने से पहले प्रेक्टिस होना जरूरी है, ठीक इसी प्रकार गणित मे प्रेक्टिस काफी महत्व रखती है। 
  • हर जगह से ज्ञान प्राप्त करने की कोशिश करे – आज के डिजिटल जमाने मे कई सुविधाएँ ऐसी मौजूद है जहा से आप हमेशा कुछ नया सीख सकते है। गणित के बारे मे सीखने के लिए आप इंटरनेट की सहायता भी ले सकते है। वैसे आजकल भारत मे इंटरनेट का डाटा काफी सस्ती दरों पर मिलता है तो आप इंटरनेट की सहायता से आसानी से सीख सकते है। 
  • ग्रुप डिक्शन जरूर करें – जब भी आप कुछ नया सिखते है या गणित के किसी विषय के बारे मे प्रेक्टिस करते है तो आपको अपने दोस्तों के साथ ग्रुप मे प्रेक्टिस जरूर करनी चाहिए ताकि आपने जो सीखा वों आपके दिमाग मे एक नक्शे के समान सैट हो जाये। 

हो सकता है की ऊपर जो टिप्स बताये गये है तो आपने पूर्व मे कभी  इस्तेमाल किये हो परन्तु गणित जैसे विषय को समझने के लिए प्रेक्टिस जरूरी होती है। गणित जितनी हार्ड दिखती है उतनी है नही । 

बिजगणित के कुछ फर्मूले ( Some Algebra formulas ) 

  • (AX+BX) = X(A+B)
  • (X+Y)2  =X2+Y2+2XY
  • (X-Y)2  =X2+Y2-2XY
  • X2-Y2 = (X+Y)(X-Y)
  • X3+Y3 = (X+Y)(X2-XY+Y2)
  • X3-Y3 = (X-Y)(X2+XY+Y2)
  • (X+Y)3 = X3+Y3+3XY(X+Y)
  • (X-Y)3 = X3-Y3-3XY(X-Y)
  • (X+Y+Z)2 = X2+Y2+Z2+2(XY+YZ+ZX)
  • (X+Y-Z)2 = X2+Y2+Z2+2(XY-YZ-ZX)
  • (X-Y+Z)2 = X2+Y2+Z2+2(-XY-YZ+ZX)
  • (X+Y+Z)3 = X3+Y3+Z3+3(X+Y)(Y+Z)(Z+X)  
  • X3+Y3+Z3-3XYZ = (X+Y+Z)(X2+Y2+Z2-XY-YZ-ZX)

निष्कर्ष ( Conclusion ) 

बिजगणित गणित के कई व्यापक भागों मे से एक है। संख्या, सिद्धांत, विश्लेषण इसके मूल सिद्धांत है जिसको बिजगणित मे रखा जाता है। एक सामान्य रूप में बिजगणित गणितीज्ञ प्रतीकों का समावेश है। एक रूप मे देखा जाये तो बिजगणित गणित के सभी विषयों को एक धागे मे माला के समान पिरोये रखता है। बिजगणित से ही कई प्रकार की अलग – अलग गणितों का प्रारम्भ माना जाता है। बिजगणित को समान रूप में चर तथा अचर राशियों के समीकरण को हल करने तथा चर राशियों के मान निकालने पर आधारित है। प्रारंभिक गणित का इतिहास तक़रीबन 3000 से 2000 वर्ष पूराणा माना जाता है। ऐसा भी माना जाता है की प्राचीन काल मे महिलाए धर्म चक्र को याद रखने के लिए गिनती करती थी। उम्मीद करते है आपको यह लेख पसंद आया होगा। 

FAQ

प्रश्न 1 – बिजगणित ( Algebra ) क्या है?

उत्तर – संख्या, सिद्धांत, विश्लेषण इसके मूल सिद्धांत है जिसको बिजगणित मे रखा जाता है। एक सामान्य रूप में बिजगणित गणितीज्ञ प्रतीकों का समावेश है। एक रूप मे देखा जाये तो बिजगणित गणित के सभी विषयों को एक धागे मे माला के समान पिरोये रखता है।

प्रश्न 2 – बिजगणित के जनक कौन है ?

उत्तर – बिजगणित के खोजकर्ता के रूप मे अल-ख्वारिजमी को जाना जाता है जिसका पुराना नाम ‘क्ट्टक’ था। एक हिंदू गणितीज्ञ ब्रहपुत्र ने इस गणित के प्रकार का पूर्व मे नाम ‘कट्टक गणित’ रखा था। देखा जाये तो बिजगणित का प्राचीन नाम भी ‘कट्टक गणित’ ही है।

प्रश्न 3 – बिजगणित के अविष्कारकर्ता के बारे मे सामान्य परिचय ?

उत्तर – बिजगणित के अविष्कारकर्ता कट्टक का पूरा नाम मोहम्मद बिन मूसा – अल – ख्वारिजमी है। इनका जन्म ख्वारिजमी नामक सिटी मे हुआ है जो मध्य एशिया के एक देश मे आया हुआ है। ख्वारिजमी ने अपने जीवन मे कई क्षेत्रों मे अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है जिसमे गणित, भूगोल, एस्ट्रोलॉजी शामिल है। ख्वारिजमी ने अपनी गणित की समस्याओं का समाधान करने के लिए कुछ फार्मूले बनाये थे । 

प्रश्न 4 – ख्वारिजी द्वारा लिखित पुस्तक कौनसी है ?

उत्तर – Al-Kitab al-mukhtasar fi hisab al-jabr wa’l-muqabala” ( कम्पलीशन और ब्लेसिंग द्वारा कैलक्यूलेश्सन पर एक पूरी किताब ) यह उनके द्वारा लिखित किताब है। 

प्रश्न 5 – गणित मे दक्षता कैसे हासिल करे ?

उत्तर – आप अगर गणित को पढना चाहते है या इसे समझना चाहते है तो आपको इसके बारे मे एक बार तो समझना चाहिए की गणित को कैसे सीखें, रटना किसी समस्या का समाधान नही होता और खासकर गणित जैसे विषय के संदर्भ मे। 

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