अबेकस का आविष्कार किसने किया ? जानिए

अबेकस का आविष्कार किसने किया

जब हमने स्कूल शुरू की तो हमारा सबसे पहले पाला एक ऐसे यंत्र से पड़ा जो हमे गिनना , जोड़ना , बाकी करना सिखाता है । इसकी सहायता से आसानी से गिनना और गणित की बेसिक संक्रियाओं को सीखने में काफी मदद मिलती है ।

इसे प्रारंभिक कम्प्यूटर भी माना जाता है । कंप्यूटर का अर्थ होता है गिनने का यंत्र और यह यंत्र इस काम को भली भांति पूरा करता है ।

अबेकस क्या है?

अबेकस का हिंदी में मतलब गिनतारा होता है । यह एक लकड़ी का बना यंत्र होता है जिंसमे तारो से बहुत सारे मोती लगे होते है जिनकी सहायता से गणित के आसन सवालों के साथ वर्गमूल , घनमूल जैसे सवालों को भी आसानी से हल किया जा सकता है । इसमे एक विभाजन पट्टी भी लगी होती है । जिंसमे भी मोती लगे होते है और ये भी गणित के सवालों को हल करने के काम लिए जाते है ।

आज कल इसका उपयोग दिमागी क्षमता के विकास के लिए एक खिलोने के रूप में भी किया जाता है ।

अबेकस का आविष्कार किसने किया
अबेकस का आविष्कार किसने किया

अबेकस का आविष्कार कब और किसके द्वारा किया गया।

अबेकस का आविष्कार किसने किया ?

अबेकस का आविष्कार किसने किया और कब किया इसके बारे में आज तक सही सही जानकारी उपलब्ध नही है और ना ही इसके आविष्कार का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नही दिया जा सकता है ।

ऐसा माना जाता है कि अबेकस का आविष्कार मेसोपोटामिया की संस्कृति में हुआ था लेकिन अधिकांश  खोजकर्ताओं का मानना है कि इसकी खोज चीन में कई गई थी क्योकि मेसोपोटामिया की संस्कृति से पहले से ही चीन में इसका उपयोग किया जाता था इसलिये इसके आविष्कार का श्रेय चीन को दिया जाता है ।

दोस्तो अबेकस अलग अलग प्रकार के डिजाइन में आता है । इसका आकार वहां की संस्कृति पर निर्भर करता है ।  पश्चिम देशों में अबेकस के जिस मोडल को बेचा जाता है वह रोमन दार्शनिक बोथियस के डिजाइन से मेल खाता है ।

अबेकस को चीन में सरोवन नाम से जाना जाता है । अबेकस को कंप्यूटर का बेसिक मोडल एसलिये माना जाता है कि इसके आविष्कार के बाद ही अन्य दूसरे गणना करने वाले यंत्रों का आविष्कार सम्भव हो सका था ।

अबेकस काम कैसे करता है ?

अबेकस में 0 से लेकर 9 तक ही हिन्दू अरेबिक नंबर्स को काम लिया गया है । जिसकी सहायता से सरल गणितीय संक्रियाओं जैसे जोड़ , बाकी , गुना ,भाग के प्रश्नों को हल किया जाता था ।

इसकी सहायता से जटिल गणितीय संक्रियाओं जैसे कि वर्गमूल , घनमूल के प्रश्नों को भी हल किया जाता था ।

अबेकस की परिभाषा –

अबेकस एक लड़की का बना यंत्र होता है । जो धातु की छड़ो के द्वारा बनाया जाता है । इसमें एक विभाजक पट्टिका भी होतो है । धातु के तारो के मध्य मोती होते है । जिनकी सहायता से जोड़ , बाकी , गुना , भाग को हल किया जाता है ।

अबेकस कैसे सीखें –

सबसे पहले विद्याथियों को अंगूठे और अंगुली की सहायता से अबेकस किट में लगे मोतियों की सहायता से गणित की गणनाओं को हल करने की शुरुआत की जाती है ।

जैसे जैसे विद्यार्थी की प्रैक्टिस हो जाती है फिर अबेकस किट को हटा कर सीधे हवा में ही अंगुलियों की सहायता से हो सरल गणितीय संक्रियाओं को हल करना सिखाया जाता है ।

अबेकस की एक लाइन में 4 मोती होते है । जिनके लिए 1 , 2 , 3 , 4 अंक निर्धारित होते है । और दूसरी लाइन में सिर्फ एक मोती होता है जो पांच को प्रदर्शित करता है । मान लीजिए आपको अबेकस में 2 + 5 करना है तो आपको सबसे पहले , पहली लाइन के 2 मोतियों को आगे करना होगा फिर दूसरी लाइन के मोती को आगे करना होगा । इस प्रकार अबेकस में गणित के सवालों को हल किया जाता है ।

अबेकस का उपयोग करना सीखने से पहले, महसूस करें कि विभिन्न प्रकार के अबेकस हैं ‘। उदाहरण के लिए, शास्त्रीय एबेकस या चीनी एबेकस में नीचे की ओर पांच मनकों और शीर्ष पर दो मालाएं हैं। आधुनिक एबेकस, जापानी एबेकस या सोरोबान में सबसे नीचे चार मनके हैं और सबसे ऊपर एक मनका है।

ऊपरी मोतियों को “स्वर्गीय मोती” कहा जाता है और पहले स्तंभ में पांच मूल्य के होते हैं। निचले मोतियों को “सांसारिक मोती” कहा जाता है और प्रत्येक पहले स्तंभ में एक मूल्य के होते हैं। मध्य पट्टी की ओर एक मनका ले जाते समय (रेकिंग बार कहा जाता है), इसे गिना जाता है और जब कोई मनका रेकिंग बार को स्पर्श नहीं कर रहा होता है तो स्तंभ शून्य के बराबर होता है।

एबेकस के आधार पर अलग-अलग डॉट्स और ऑफ-कलर बीड्स अलग-अलग होते हैं, लेकिन हमेशा तीन के सेट में अलग-अलग संख्याओं के लिए उपयोग किए जाते हैं। ये मार्कर आपकी पहली स्थिति को भी चिह्नित कर सकते हैं यदि आप दूर से गिनती शुरू करना नहीं चाहते हैं।

मोतियों का मान दायें 1 के कॉलम में शुरू होता है, जो कि 1 और 9 के बीच मूल्यवान होते हैं। दाएं-बाएं से दाएं मोतियों का मूल्य 10 के स्थान, 100 के स्थान, 1, 000 के स्थान आदि तक बढ़ जाता है।

अबेकस का उपयोग करने के लिए, इसे एक सपाट सतह पर बिछाएं और यह सुनिश्चित करके शून्य पर सेट करें कि कोई भी मोती रेकिंग बार को छू नहीं रहा है।

यदि आपके पास एक रीसेट बटन है, तो इसे मोतियों को रीसेट करने के लिए दबाएं। अबेकस पर गिनने के लिए एबेकस के दायीं ओर से शुरू करें, और एक सांसारिक बार अपने अंगूठे का उपयोग करके रेकिंग बार तक स्लाइड करें। रेकिंग बार को छूने वाला एक मनका एबैकस को बराबर बनाता है।

स्लाइड तीन और बीड्स अप एबाकस वैल्यू को चार (3 + 1 = 4) बनाते हैं। क्योंकि आधुनिक एबेकस में केवल चार सांसारिक मोती होते हैं, यदि आप पांच को गिनना चाहते हैं, तो आपको अपनी तर्जनी का उपयोग करके स्वर्गीय मनके को रेकिंग बार में ले जाना चाहिए।

 उसी समय, सभी सांसारिक मोतियों को नीचे ले जाएं। यदि आप कुल सात चाहते हैं, तो दो सांसारिक मोतियों को रेकिंग बार (5 + 2 = 7) तक ले जाएं।

अगर कोई विद्यार्थी लगातार अबेकस को सीखता रहता है तो इसे आगे गणित की संक्रियाओं को हल करने के लिए कागज , पेन , कैलकुलेटर काम लेने की आवश्यकता नही होती है ।

दोस्तो कक्षा एल के जी से लेकर कक्षा 7 तक अबेकस सिखाया जाता है । जिसके कुछ लेवल होते है जो अलग अलग कक्षा के लिए अलग अलग होते है ।

आइए आगे हम इसके लेवल के बारे में जानकारी प्राप्त करते है ।

अबेकस के लेवल –

अबेकस सीखने के तीन लेवल होते है जो अलग अलग कक्षा के अनुसार बने होते है ।

लेवल – 1 ( सुपर जूनियर लेवल ) –

यु के जी से प्रथम कक्षा तक के लिए यह प्रथम लेवल होता है । सुपर जूनियर का यह लेवल 6 महीने में 3 लेवल में पूरा होता है । इस लेवल में बच्चो को सिर्फ अबेकस को एक खिलोने के तौर पर ही सिखाया जाता है  । इस लेवल में बच्चो को सिर्फ गिनना सिखाया जाता है ।

लेवल – 2 ( जूनियर लेवल ) –

कक्षा 2 से कक्षा 4 तक के लिए इस लेवल को बनाया गया है । इस लेवल में बच्चो को गणित की मूलभूत संक्रियाओं जैसे जोड़ , बाकी , गुना और भाग करना अबेकस की सहायता से करना सिखाया जाता है । यह कोर्स 18 महीने में पूरा किया जाता है । साथ ही साथ इसमें 6 लेवल होते है ।

लेवल – 3 ( सीनियर लेवल )  –

अबेकस सीखने का अंतिम पद होता है । इसे कक्षा 5 से 7 तक के लिए बनाया गया है । इस लेवल में बिना अबेकस की सहायता से सिर्फ उंगलियों और हवा में ही जोड़ , बाकी , गुना , भाग करना सिखाया जाता है । साथ ही साथ विद्यार्थियों को वर्गमूल , घनमूल जैसी जटिल गणितीय संक्रियाओं को भी सिखाया जाता है । यह कोर्स मो महीने का होता है जिसे 10 लेवल में पूरा कोया जाता है ।

अबेकस के फायदे –

दोस्तो आज के समय दिन प्रतिदिन बढ़ रहे कॉम्पिटिशन को देखते हुए आने वाले समय मे बच्चो को गणित को आसान बनाने के लिए अबेकस का उपयोग किया जाना बहुत ही आवश्यक है ।

  • 1. इसका सबसे बड़ा फायदा है कि बच्चे इसकी मदद से बिना कैलकुलेटर और पेन कॉपी के गणित के सवाल हल कर सकते है । जिससे किसी भी सवाल को हल करने की उनकी क्षमता में वृद्धि होती है ।
  • 2. गणित विषय के प्रति बच्चो में बहुत ज्यादा डर बैठा होता है और जिसके कारण वे हमेशा गणित से दूर भागते रहते है । बच्चो के लिए गणित विषय आसान हो सके और गणित में उनकी रुचि भी बढ़े इसके लिए अबेकस का उपयोग करना बहुत ही आवश्यक है ।
  • 3. इससे हमारी पर्सनल्टी भी मजबूत बनती है क्योकि जब आप गणित के सवाल जितने कम समय और तेजी के साथ हल करेंगे तो लोग आपको देखते ही  रह जाएंगे ।
  • 4. आपके बच्चे की एकाग्रता बढ़ती है जिसके कारण उसे किसी भी विषय को समझने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नही करना पड़ता ।
  • 5. यादाश्त तेज होती है । गणित एक ऐसा विषय है जो किसी भी व्यक्ति के मष्तिष्क को तेज बना सकता है ।
  • 6. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में भी आसानी रहती है ।

निष्कर्ष –

हमने आपको अबेकस से सम्बंधित जानकारी से अवगत करवाया है । यह जानकारी आपको कैसी लगी इसके बारे में आपके क्या विचार है । आप हमें नीचे कमेंट करके बता सकते है । 

अगर आपको अबेकस का आविष्कार किसने किया यह जानकारी पसन्द आयी हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते है । 

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